ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पिछले एक दशक में शहर में कई परिवर्तन देखने को मिले। बदलाव का यह दौर अब आधुनिकता की ओर अग्रसर है। कई बड़ी कंपनियों ने पिछले कुछ सालों में शहर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, तो कुछ अब कतार में हैं। इनमें अधितकर लाइफ स्टाइल और फूड चेन शामिल हैं। कई बड़े होटल ग्रुप भी अब अपने पैर जमाने के लिए ग्वालियर की ओर रुख कर रहे हैं। इनमें सयाजी और होटल लीला जैसे बड़े ग्रुप शामिल हैं। इतना ही नहीं रेसकोर्स रोड पर एक शापिंग काम्प्लेक्स में रिलायंस जैसी बड़ी कंपनी ने अपना स्टोर खोल लिया है। इससे कुछ दूरी पर ही अब स्टेशन को सिर्फ यात्रा ही नहीं, बल्कि शापिंग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

होटल और रेस्टोरेंट में खाने के शौकीन लोग लंबे समय से एक ही स्वाद चख-चखकर बोर हो चुके हैं। ऐसे लोगों के लिए शहर में अब नए स्पाट शुरू होने वाले हैं। शहर के प्रसिद्ध होटल सेंट्रल पार्क को अब सयाजी ग्रुप ने टेकओवर करने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। जाहिर तौर पर ये ग्रुप अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप मेहमानों को स्वाद और सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इसके लिए बाहरी विशेषज्ञ भी आएंगे। इसी प्रकार शहर में एक बिल्डर रिजार्ट बनाने की शुरूआत कर रहा है। उसका प्रयास है कि प्रसिद्ध होटल ग्रुप लीला से फ्रेंचाइज लेकर आई जाए, ताकि शहर के बाहरी इलाके में जाकर लोग मौज-मस्ती करने के साथ ही आरामदायक सुविधाओं का लुत्फ उठा सकें। रेसकोर्स रोड पर शापर्स स्टाप में बड़ी-बड़ी ब्रांडेड कंपनियां आकर कपड़़े, जूतों से लेकर एसेसरीज तक उपलब्ध करा रही हैं। 440.96 करोड़ रुपये के स्टेशन पुनर्विकास की परियोजना में रेलवे अफसरों का प्रयास है कि यहां यात्री तो जरूरत का सामान खरीदें ही, बल्कि आमजन भी स्टेशन पर तैयार किए जाने वाले काम्प्लेक्स में आकर खरीदारी कर सकें।

मध्यम वर्ग को लुभा रहीं कंपनियांः ब्रांडेड कंपनियों ने भी अपनी योजना में थोड़ा बदलाव किया है। पहले उच्च वर्ग की पहुंच में मानी जाने वाली कंपनियों ने मध्यम वर्ग को लुभाना शुरू किया है। इसका कारण यह है कि उच्च वर्ग का खरीदार सीमित है, जबकि देश, प्रदेश व शहर में एक बहुत बड़ा तबका मध्यम वर्ग में जीवन जी रहा है। ऐसे वर्ग के लिए कंपनियां वाजिब दामों में सामान बेच रही हैं। इससे ये मध्यम वर्ग की पहुंच में आ रहा है और वह भी ब्रांडेड कंपनियों का सामान खरीदने के लिए आकर्षित हो रहे हैं।

छोटी-छोटी फूड चेन भी शुरू : शहर को मिलेगी प्रदेश में अलग पहचानः इसके अलावा शहर में एक नया चलन और शुरू हुआ है। वह है छोटे स्तर पर खोली गई दुकानों को एक से अधिक जगहों पर फैलाना यानी इनकी चेन तैयार करना। यही कारण है कि अब शहर में स्थानीय स्तर पर आधा दर्जन लोगों ने फास्ट फूड, चाय, सोया चाप की एक ही नाम की दुकानें अलग-अलग जगहों पर खोल ली हैं। इससे लोगों को अपना पसंदीदा स्वाद चखने के लिए घर से दूर नहीं जाना पड़ता है। उन्हें अपने नजदीक ही यह उपलब्ध हो जाता है।

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