ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। तानसेन नगर औद्योगिक क्षेत्र की जूता फैक्ट्री में रविवार को तड़के फिर केमिकल ने आग पकड़ ली। आग ज्यादा फैलती, उससे पहले ही वहां तैनात फायर ब्रिगेड के अमले ने मुस्तैदी का परिचय देते हुए पानी डालकर उसे बुझा दिया। दोबारा से भड़की आग को बुझाने में भी फायर ब्रिगेड के अमले को दो गाड़ी पानी फेंकना पड़ा। सुबह पांच बजे पूरी तरह से आग बुझने पर फायर ब्रिगेड का अमला वहां से लौट आया। इस आगजनी की घटना में फैक्ट्री में रखा कच्चा माल, तैयार जूते, मशीनें, केमिकल आदि मिलाकर दो करोड़ रुपए का नुकसान होना बताया जा रहा है।

इससे पहले शनिवार की रात 11 बजे तक फायर ब्रिगेड का अमला फैक्ट्री में लगी आग को 70 गाड़ी पानी फेंककर बुझाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन ज्वलनशील केमिकल के चलते आग बार-बार भड़क रही थी। इस कारण अधिकारियों ने सावधानी के तौर पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों के साथ ही अमले को रातभर के लिए फैक्ट्री पर तैनात किया था। रविवार को सुबह लगभग साढ़े तीन बजे अंगारों के रूप में सुलग रही आग फिर धधक उठी। फायर ब्रिगेड के अमले ने लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद इस पर काबू पा लिया। जब दोबारा से आग धधकने की संभावना नजर नहीं आई, तो अमले को वापस बुला लिया गया। रविवार को फैक्ट्री में कार्य करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि लगभग आठ से 10 लोगों के मोबाइल, पर्स व उसमें रखे जरूरी दस्तावेज भी आग की भेंट चढ़ गए। गौरतलब है कि शनिवार की दोपहर लगभग दो बजे जूतों पर कलर करने के लिए रंग को मशीन में गर्म किया जा रहा था और इसी दौरान शार्ट सर्किट के चलते फैक्ट्री की दूसरी मंजिल पर आग लग गई। ज्वलनशील थिनर व अन्य केमिकल ने इस आग को और भड़का दिया था। फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर फंसे 20-25 कर्मचारियों ने छत पर लटकी केबल के सहारे उतरकर अपनी जान बचाई। हालांकि इस दौरान एक महिला कर्मचारी गिरकर घायल हो गई थी।

-खंडहर में बदली इमारत, गिर सकती है दीवार-

आग के चलते यह इमारत पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो गई है। आग की गर्मी के कारण फैक्ट्री की इमारत की दीवारें चटक गई हैं। शनिवार को आग बुझाने के लिए इस इमारत की दीवार को जेसीबी के जरिए तोड़ा गया था, ताकि पानी आग तक पहुंच सके। इस दौरान इमारत की एक दीवार गिरासू स्थिति में पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि इस पूरी इमारत को गिराया जा सकता है, क्योंकि यह अब फैक्ट्री के संचालन के लायक नहीं बची है।

Posted By: anil tomar

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