ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। तीसरी लहर की आशंका और कोरोना के बढ़ते केसों ने चिंता बढ़ा दी है, लेकिन ग्वालियर के माननीयों पर जनता के लिए समय नहीं है। मंत्री, विधायक, पार्टी के नेता हों या अपने-अपने वार्ड के लिए जनता की पैरोकारी करने वाले निवर्तमान पार्षद, कोरोना को लेकर जागरूक करने कोई नहीं निकला है। खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनप्रतिनिधियों को सड़कों पर उतरने के निर्देश दे चुके हैं। दो रोज पहले जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपील की थी कि क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के पदाधिकारी लोगों के बीच जाएं और मास्क पहनने की अपील करें। हकीकत भी यही है कि अफसरों के चालान और सख्ती से अकेला जागरूकता नहीं फैलाई जा सकती है, इसमें सभी का सहयोग चाहिए।

ज्ञात रहे कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर को सभी देख चुके हैं, इंदौर और भोपाल में केस बढ़ रहे हैं। ग्वालियर में लगातार दो दिनों से केस सामने आना शुरू हो गए हैं। तीसरी लहर की आशंका भले ही है, लेकिन इसके लिए रोकथाम के उपाय पहले ही करने होंगे। पिछली बार की तरह भयावह माहौल से बचने के लिए अभी से अलर्ट होना जरूरी है। यही कारण है कि जिला प्रशासन भी इसको लेकर अलर्ट मोड में है, लेकिन मुट्ठीभर चालान और कार्रवाई से हर नागरिक को सचेत नहीं किया जा सकता है।

एडीएम-एसडीएम ने किए चालान, दो प्रतिष्ठान सीलः एडीएम इच्छित गढ़पाले और एसडीएम लश्कर अनिल बनवारिया ने शुक्रवार को महाराज बाड़े पर कोरोना की गाइडलाइन तोड़ने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी। 66 लोगों के बिना मास्क पाए जाने पर चालान किए गए। जिनसे कुल 6550 रुपये वसूले गए। वहीं पंकज पंजवानी की वासुदेव इलेक्ट्रिकल्स दुकान को मास्क न पहनने पर सील कर दिया गया। इसके साथ ही साईंराम इलेक्ट्रोनिक्स संजय पंजवानी की दुकान भी सील की गई। घड़ी की दुकान चलाने वाले दुकानदार से एक हजार रुपये जुर्माना वसूलकर चेतावनी दी गई।

Posted By: vikash.pandey

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