ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अंचल सहित अन्य राज्यों के मरीजों के लिए आधुनिक अस्पताल उपलब्ध होगा। जहां पर ट्रामा,न्यूरो सर्जरी, कैंसर जैसे गंभीर रोगियाें काे इलाज दिया जाएगा। शासन की योजनाओं पर मरीजों को सस्ते दाम पर विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। मेडिकल कालेज धन कमाने का जरिया नहीं, बल्की दूसरों की पीड़ा को हरने वाला संस्थान होगा।

यह बात खुरैरी में हाइवे एनएच 44 पर स्थित देवराज इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस के भूमिपूजन अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही। उन्हाेंने कहा कि यह 150 एमबीबीएस सीट का बनने जा रहा मेडिकल कालेज महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ठ उदाहरण बनेगा। क्योंकि मेडिकल कालेज का संचालन महिलाओं के हाथ में होगा। उन्होंने करन सिंह व कालेज की चेयरमेन शरबती करन सिंह किरार, सचिव डा सलोनी सिंह धाकड़ और कोषाध्यक्ष साक्षी गिर्राज सिंह किरार की आधुनिक इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में उठाए गए कदम की सराहना भी की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर में सर्वश्रेष्ठ सुविधा उपलब्ध होना चाहिए। अस्पताल के लिए विशेषज्ञाें की आवश्यकता हो या किसी अन्य वस्तु की जरूरत हो, इसके लिए पूरे प्रदेश के शहरों को हवाई सेवा से जोड़ दिया है। यही नहीं देश के बड़े-बड़े शहरों को भी ग्वालियर से हवाई सेवा से जाेड़ा जा रहा है। शहर को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूती देने के लिए पांच सौ करोड़ का हजार बिस्तर का अस्पताल अगले दो माह में तैयार हो जाएगा और जल्द ही मुख्यमंत्री प्रदेश के एक सैकड़ा अस्पतालों का लोकार्पण या फिर भूमि पूजन करेंगे। केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था जब मजबूत होता है, तो भविष्य स्वर्णिम बनता है। इस मौके पर अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष साधना सिंह चौहान, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर,जलसंसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, राज्यमंत्री भारत सिंह कुशवाह, नगरीय विकास आवास मंत्री ओपी भदौरिया, प्रदेश प्रवक्ता लाेकेंद्र पाराशर,जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

16 एकड़ में साढ़े 450 करोड़ में बनकर तैयार होगा कालेजः डा विवेक देसाई, संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक, होसमैक ने कहा कि देवराज इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज मध्य प्रदेश में डाक्टरों की कमी को पूरा करेगा। राज्य में 7.2 करोड़ की आबादी के लिए करीब 20,000 डाक्टराें की जरुरत है। मेडिकल कालेज व अस्पताल में कार्डियोलाजी, न्यूरोलाजी, किडनी, गैस्ट्रोएंटरोलाजी, आर्थोपेडिक्स के साथ-साथ ट्रामा केयर पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा कैंसर के इलाज के लिए रेडिएशन थेरेपी की भी व्यवस्था होगी । नर्सिंग स्कूल के अलावा रहने के लिए छात्रावास व डाक्टरों के लिए आवास भी परिसर में ही उपलब्धता कराए जाएंगे।

Posted By: vikash.pandey

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