ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अग्निपथ स्कीम के बारे में कई भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं, सबसे बड़ा भ्रम है कि चार साल बाद आप रिटायर्ड हो जाएंगे और आगे कोई अवसर नहीं बचेगा। यह सबसे बड़ा भ्रम है, अग्निवीर बनकर चार साल बाद जैसे ही आप रिटायर्ड होंगे, उसमें से 25 प्रतिशत तो सेना में सेवा बरकरार रहेंगे। अग्निवीरों को अर्द्धसैनिक बल, पीएसयू यूनिट, गन फैक्ट्री, स्टेट पुलिस और तमाम सरकारी विभागों में प्राथमिकता दी जाएगी। एकमुश्त तनख्वाह के अलावा करीब साढ़े ग्यारह लाख रुपये मिलेंगे। यानी अगर आप 17 वर्ष की उम्र में भर्ती हो जाते हैं और 21 साल पर रिटायर हो जाते हैं तो साढ़े ग्यारह लाख रुपये एकमुश्त और तनख्वाह अलग मिलेगी। इस पैसे से आप व्यापार भी शुरू कर सकते हैं।

यह बात सोमवार को मुरार केंटोनमेंट स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में छात्रों को संबोधित करते हुए सेना भर्ती कार्यालय के डायरेक्टर कर्नल संतोष कुमार ने कही। दरअसल सेना भर्ती में अग्निपथ स्कीम को लेकर तमाम भ्रम फैलाए जा रहे हैं, इसके चलते सैन्य अफसर इस स्कीम के तहत भर्ती होने के बारे में पूरी जानकारी छात्रों को बता रहे हैं। सोमवार को आर्मी पब्लिक स्कूल के 10 से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को इस बारे में कर्नल संतोष कुमार ने जानकारी दी। कर्नल संतोष ने कहा कि यह कोई एक दिन में हुआ निर्णय नहीं है। कारगिल युद्ध के बाद ही सेना को जवान करने के लिए प्रयास शुरू हुए थे। अभी सेना की औसत आयु 30 वर्ष है, इसे 20 के अंदर करना है। जब उम्र बढ़ती है तो सैनिक की जोखिम लेने की क्षमता घट जाती है। इसलिए अग्निपथ स्कीम लाई गई, जिससे सेना में कम उम्र के सैनिक पूरे जोश और जज्बे के देश सेवा करें।

उन्होंने कहा कि 21 वर्ष की उम्र में जब अग्निवीर सेना में रहकर निकलेंगे तो वह एक अनुशासित नागरिक होंगे। उनके पास सेना में काम करने का अनुभव होगा। अमूमन 21 की उम्र तक तो अभी युवा यह तय ही नहीं कर पाते कि करियर में क्या करना है, जब आप अग्निवीर बनकर बाहर आएंगे तो आपके पास पैसा, अनुभव रहेगा। अगर आप 10वीं के बाद भर्ती होते हैं तो 12वीं का सर्टिफिकेट सेना देगी, 12वीं के बाद भर्ती होते हैं तो ग्रेजुएशन का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके लिए नेशनल इंस्टीट्यूट आफ ओपन स्कूलिंग से बात चल रही है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया और अन्य सुविधाओं के बारे में भी छात्रों को जानकारी दी।

Posted By: vikash.pandey

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