- छात्र नेताओं की गिरफ्तारी का किया विरोध

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जीवाजी विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर शुक्रवार को एनएसयूआइ व कांग्रेस पदाधिकारियों ने मिलकर धरना दिया। एक घंटे चले इस धरने में आफलाइन परीक्षा का विरोध किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय में कलेक्टर के हस्तक्षेप के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्र नेताओं कहना है कि विश्वविद्यालय में कलेक्टर का राज आ गया है, इसलिए धारा 52 लगाई जाए।

गत दिवस विद्यार्थियों ने आफलाइन परीक्षाओं का विरोध किया था। करीब साढ़े चार घंटे तक विद्यार्थियों ने हंगामा किया। एनएसयूआइ के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। छात्राओं के साथ हुई छेड़छाड़ को लेकर प्रदर्शन उग्र हो गया। कुलसचिव की नेम प्लेट पर स्याही पोतने की कोशिश की गई। दरवाजों के ताले तोड़े गए। इस हंगामे के बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे और छात्र नेताओं की क्लास लगा दी। एनएसयूआइ के जिला अध्यक्ष शिवराज यादव को गिरफ्तार कराकर विश्वविद्यालय थाने पहुंचाया। उससे एक साल तक आंदोलन नहीं करने का बांड भरवाया गया। इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में शुक्रवार को राजमाता चौराहे पर स्थित प्रवेश द्वार पर एनएसयूआइ के कार्यकर्ता व कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, विधायक सतीश सिकरवार, सुनील शर्मा, एनएसयूआइ के जिला अध्यक्ष शिवराज यादव सहित विद्यार्थी मौजूद थे। इस दौरान कलेक्टर के विश्वविद्यालय में हस्तक्षेप किए जाने का विरोध किया। इस प्रदर्शन को लेकर भारी पुलिस बल मौजूद रहा। वाटर कैनन की गाड़ी भी खड़ी रही। प्रदर्शन को देखते हुए जेयू का गेट बंद कर दिया गया। इससे विद्यार्थी परेशान हुए। शांतिपूर्ण ढंग से धरना दिया तो गेट खोल दिया। दोपहर 2:30 बजे तक धरना दिया गया।

Posted By: anil.tomar

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