ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पत्नी की हत्या के मामले में फरार कांग्रेस नेता ऋषभ भदौरिया को क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के बेबर गांव से दबोच लिया। ऋषभ अपने दूर के रिश्तेदार के घर पिछले बीस दिन से फरारी काट रहा था। जबकि पुलिस ग्वालियर-चंबल सहित दिल्ली में बदमाश की तलाश में जुटी थी। क्राइम ब्रांच ऋषभ को लेकर आ चुकी है, जिसे थाटीपुर थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। थाटीपुर थाना पुलिस मंगलवार को ऋषभ भदौरिया को न्यायालय में प्रस्तुत कर प्रोटक्शन वारंट पर लेगी। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में ऋषभ ने पत्नी भावना की हत्या करना स्वीकार किया है। जिस पिस्टल से भावना की हत्या की गई, वह पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। जिसके विषय में पुलिस ऋषभ से पूछताछ करेगी।

गौरतलब है कि 6 जून की रात को कांग्रेस नेता ऋषभ भदौरिया ने पत्नी भावना भदौरिया को पिस्टल से तीन गोलियां मारी थी। जिस समय भावना की हत्या हुई, उस वक्त उसके दोनों बच्चे मौजूद थे। उनके सामने ही ऋषभ ने भावना पर गोलियां दागी थीं। जिससे भावना की मौके पर ही मौत हो गई थी और ऋषभ गोली मारने के बाद क्रेटा कार से भाग निकला था। इसके बाद पुलिस ने ऋषभ काे कई जगह तलाश किया, जब सुराग नहीं लगा ताे उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। बीते रोज क्राइम ब्रांच पुलिस को सूचना मिली कि पत्नी का हत्यारा मैनपुरी के बेबर गांव में फरारी काट रहा है। जिसके बाद पुलिस ने बेबर गांव में सोमवार की सुबह बेबर गांव की घेराबंदी कर आरोपित को दबोच लिया।

गुस्से में मारी गोलीः पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में ऋषभ ने बताया कि 6 जून की रात को थाटीपुर पेट्रोल पंप पर काैशलेंद्र से मिलने के लिए जा रहा था, लेकिन भावना ने मेरा रास्ता रोक लिया और मुझे घर से बाहर नहीं जाने दिया। जिसको लेकर मेरी बहस हो गई। मैंने कई बार भावना को समझाने का प्रयास भी किया कि वह बहस न करे और उसे जाने दे,लेकिन जब वह नहीं मानी तो गुस्से में आकर गोली चला दी।

पुलिस को तलाशने में लग गए 20 दिनः घटना के बाद पुलिस को ऋषभ की मोबाइल लोकेशन भिंड में मिली थी। काैशलेंद्र का जाे आडियो वायरल हुआ था, उसमें काैशलेंद्र बता रहा था कि ऋषभ उत्तर प्रदेश में रिश्तेदारों के यहां पर फरारी काटता है। इस बार भी वह वहीं पर छिपा होगा। इसकी मददगार भावना के स्वजन हैं, जिन्होंने पहले भी ऋषभ की फरारी काटने में मदद की है। इसके बाद भी पुलिस को ऋषभ का पता लगाने में 20 दिन का वक्त लग गया। जबकि पुलिस के पास ऋषभ की मदद करने वाले रिश्तेदारों का नाम तक पहुंच चुका था।

वर्जन-

ऋषभ बेबर गांव उत्तर प्रदेश में फरारी काट रहा था, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त की गई पिस्टल और जिस वाहन से भागा था, उसे बरामद किया जाना है। इसके लिए न्यायालय में प्रस्तुत कर रिमांड ली जाएगी और पूछताछ कर पिस्टल व क्रेटा कार बरामद की जाएगी।

राजेश दंडोतिया, एएसपी क्राइम ब्रांच

Posted By: vikash.pandey

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