ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना का खतरा शहर पर मंडराने लगा है। शुक्रवार को एक बार फिर दो संक्रमित पाए गए। खास बात यह है कि जो मरीज संक्रमित पाए गए उन्होंने निजी लैब पर जांच कराई और उनकी रिपोर्ट पाजिटिव आई, जबकि सरकारी लैब में हर दिन दो हजार सैंपल जांचे जा रहे हैं पर संक्रमित एक नहीं आ रहा है। इससे सरकारी मशीनरी द्वारा लिए जा रहे सैंपलों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। शुक्रवार को 2155 लोगों की जांच में एक भी संक्रमित नहीं मिला, जबकि लाल पैथलैब पर जांच कराने पहुंचे थाटीपुर निवासी 34 वर्षीय युवक की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि युवक को किसी तरह के कोई लक्षण नहीं हैं। 15 दिन पहले वह विशाखापट्नम से लौटा था। वहां पर वह ऑयल कंपनी में कार्यरत है। इसी तरह मुरार में रहने वाले 48 वर्षीय सेना के जवान को पेट में दर्द होने पर सेना के अस्पताल में ले जाया गया, जहां ट्रूनेट से की गई जांच में वह कोरोना संक्रमित पाया गया, जबकि जवान का पिछले कुछ दिनों से शहर से बाहर कहीं आना जाना नहीं हुआ। इन दोनों ही संक्रमितों को लक्षण न होने के चलते होम क्वारंटाइन किया गया है। जिले में अब एक्टिव केस की संख्या छह हो गई है। हालांकि हेल्थ बुलेटिन में संख्या चार बताई जा रही है।

जीनोम सिक्वेंसिंग: संक्रमित के दिल्ली से मंगवाने होंगे सैंपल़किोरोना संक्रमित मिलने वाले हर मरीज का सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली लैब भेजा जाना है, लेकिन गुरुवार को मिले दो संक्रमितों का सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए न तो भेजा गया न ही उनकी संपर्क हिस्ट्री तलाशी गई। स्वास्थ्य विभाग का यह लापरवाही रवैया शहर में कोरोना को बढ़ावा दे सकता है। केंद्र सरकार से मिले निर्देश के अनुसार संक्रमित मिलने वाले हर मरीज में कौन सा वायरस है इसका पता लगाने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग कराना आवश्यक है। जिसके चलते संक्रमित मिलने वाले हर मरीज का सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा जाना आवश्यक है। पर समस्या यह है कि इन दोनों मरीजों की जांच निजी लैब पर हुई। निजी लैब जांच के लिए सैंपल दिल्ली भेजती है इसलिए जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए वही सैंपल भेजना होता है जिसे दिल्ली से मंगवाना पड़ेगा। इस दिशा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। नई सड़क पर रहने वाले संक्रमित युवक का कहना है कि स्वास्थ्य अधिकारियों का सुबह के समय संपर्क हिस्ट्री लेने के लिए फोन जुरूर आया था पर उससे मिलने के लिए कोई नहीं आया है।

भारत सरकार के दो ज्वाइंट सेक्रेटरी ने ली बैठकः कोविड प्रोटोकाल को लेकर शुक्रवार को भारत सरकार के दो ज्वाइंट सेक्रेटरी ग्वालियर आए और प्रशासन के साथ बैठक की। इसमें भारत सरकार के सिविल एविएशन मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी अंबर दुबे और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी मनोहर अगनानी शामिल रहे। ग्वालियर में कोविड की स्थिति व प्रोटोकाल को लेकर चर्चा की गई। वहीं इस सिविल एविएशन के ज्वाइंट सेक्रेटरी नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पीएस अजय यादव के साथ एमआइटीएस पहुंचे। यहां 10 की जगह अब 11 दिसंबर को होने वाले ड्रोन मेला को लेकर तैयारी की समीक्षा की गई। इसके बाद एयरपोर्ट पर आपरेशनल एरिया का भी विजिट किया।

वर्जन-

कोरोना को लेकर आमजन को जागरूक करना जरूरी है, यह सही है कि अभी उपस्थिति नहीं दिखी है। संगठन स्तर पर सभी वरिष्ठजन एवं कार्यकर्ताओं के साथ योजना बनाकर लोगों को जागरूक करेंगे। हम सभी को मिलकर तीसरी लहर को रोकना है।

कमल माखीजानी शहर जिलाध्यक्ष, भाजपा

वर्जन-

हम तो कोरोनो को लेकर जागरूक हैं, हमने तो मास्क लगाया था, जनता को भी लगाना चाहिए। कोरोना प्रोटोकाल के सारे नियम हमारे लिए तो हैं, मगर दूसरों के लिए नहीं हैं। अभी संघ प्रमुख मोहन भागवत आए थे तो कुछ नहीं था, दूसरे दिन से हमारे ऊपर नियम शुरू कर दिए। जनता को जागरूक करने के लिए होर्डिंग लगवाएंगे। हमारी कोशिश रहेगी कि आगे से जो कार्यक्रम करें वह 4-4 लोगों के समूह बनाकर करें। मगर जब भाजपा नियम तोड़ती है और कोई कार्रवाई नहीं होती तो दुख होता है।

डा.देवेंद्र शर्मा, अध्यक्ष शहर जिला कांग्रेस कमेटी

वर्जन-

सबसे पहले ग्वालियर शहर में ओमिक्रान (कोरोना) की जांच शुरू हो जानी चाहिए। पुराने प्रोटोकाल का पालन तो हम कर ही रहे हैं, मगर प्रदेश के मुखिया ने ही सब कुछ खुला छोड़ दिया है। राजनीतिक कार्यक्रम पूर्णत: प्रतिबंधित होने चाहिए, मगर अलग-अलग दलों के लिए अलग-अलग नियम नहीं हो सकते।

प्रवीण पाठक, कांग्रेस विधायक ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र

Posted By: vikash.pandey

NaiDunia Local
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