- प्रदेशभर में साल 2021-22 में 17 हजार 919 के लक्ष्य की अपेक्षा 21 हजार 354 लोगों दिया शिक्षा लोन

- कोरोना की दूसरी लहर के बाद प्रदेश में बढ़ा शिक्षा लोन का स्तर,

अजय उपाध्याय.ग्वालियर। कोरोना महामारी में भले की लोगों के काम धंधे नहीं चले। पर लोगों ने बच्चों की पढ़ाई बंद नहीं होने दी। महामारी के दौरान लाकडाउन रहा, फैक्ट्री,बाजार, स्कूल, कालेज सब बंद रहे। लोगों का रोजगार समाप्त हो गया, बच्चों की पढ़ाई की चिंता ने घेर लिया। ऐसे वक्त में बैंक उनके काम आए। लोगों की चिंता को बैंकों ने दूर करने का प्रयास किया। एसएलबीसी की रिपोर्ट बताती है कि पिछले सालों के मुकाबले महामारी के दौरान लोगों के पास जब रोजगार नहीं था काम धंधे ठप थे तब लोगों ने बैंकों से शिक्षा लोन सर्वाधिक लिया। क्योंकि उन्हें अपने बच्चों के भविष्य की चिंता थी।

बैंकों ने लोन अधिक लोगों को बांटा पर राशि लक्ष्य से कम बांटी। ऐसे में बैंक अधिकारियों का कहना है कि बैंक ने अधिक से अधिक लोगों को लोन का फायदा दिया पर राशि कम देकर अपना जोखिम भी कम किया है। वर्ष 2021-22 में 17 हजार 919 के लक्ष्य की अपेक्षा 21 हजार 354 लोगों को लोन बांटा पर राशि लक्ष्य 99588 के स्थान पर महज 43354 करोड़ ही बांटी।

लाकडाउन में सबकुछ बंद रहा

कोरोना महामारी ने मार्च 2020 में दस्तक दी। जिसको लेकर संपूर्ण भारत में लाकडाउन लगाना पड़ा। लोग अपने अपने घरों में कैद हो गए थे। फैक्ट्री , दुकान, सबकुछ बंद था इसलिए हजारों लोगों की नौकरी चली गई और काम धंधे चौपट हो गए। लोगों के पास अपनी जीविका चलाने के लिए कोई साधन नहीं था, ऐसे में उनके पास एजुकेशन लोन ही एक विकल्प था। जिसमें राष्ट्रीयकृत बैंकों ने भरपूर सहयोग भी दिया।

राष्ट्रीयकृत बैंकों ने दिया लोन

प्रदेश भर में सभी राष्ट्रीयकृत बैकों ने बढ़-चढ़कर लोन दिया। जिसका फायदा लोगों को मिला। उन्हें समय पर शिक्षा लोन मिलने से बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हुई। प्रदेश के अलावा दूर देश में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी एजुकेशन लोन की बदौलत ही पढ़ने और अपनी डिग्री पूरी करने के लिए जा सके। प्रदेश से कई सारे विद्यार्थी मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए चीन, जापान, यूक्रेन में पढ़ने के लिए गए।

वर्ष 2020-21 से पांच गुना अधिक लोन 2021-22 में लिया लोगों ने शिक्षा लोन

वर्ष 2022 वर्ष 2021

इन बैकों ने दिया लोन लक्ष्य लक्ष्य की पूर्ति लक्ष्य की पूर्ति

बैंक लोग पैसा लोग पैसा लोग पैसा

बैंक आफ बड़ौदा 1236 6246 1326 3005 356 509

बैंक आफ इंडिया 1502 6369 1524 2106 366 320

बैंक आफ महाराष्ट्र 569 3017 321 579 57 79

कैनरा बैंक 1046 5752 1440 3493 58 588

सेंट्रल बैंक आफ इंडिया 1755 10552 1324 1744 324 266

इंडियन बैंक 960 5827 2107 9263 13 38

इंडियन आवरसीज बैंक 238 1265 89 127 03 02

पंजाब एंड सिंध बैंक 236 1433 18 38 01 03

पंजाब नेशनल बैंक 2208 11520 1611 3446 367 492

स्टेट बैंक आफ इंडिया 5786 32899 10360 17457 2010 2419

यूको बैंक 770 4396 282 406 62 37

यूनियन बैंक 1613 10312 952 1690 264 337

कुल 17919 99588 21354 43354 3881 5090

(नोट: राशि लाख में है। तथ्ाा निजी बैंकों ने 386 लोगों को 1046लाख्ा रुपये का लोन 2020-21 में दिया। व 2021-22 में इन्ही बैंकों ने 1425 लोगों ने 6831 लाख्ा रुपये का श्ािक्षा लोन दिया।)

शिक्षा लोन के लिए यह प्रक्रिया अपनाएं-

तकनीकी कोर्स करने के लिए बैंक लोन आसानी से देते हैं। जिसके लिए कोर्स करने के लिए कालेज का काउंसलिंग लेटर, सीट एलोटमेंट लेटर, 10वीं, 12वीं की मार्कशीट,आधार कार्ड, पेन कार्ड, कालेज प्रबंधन की ओर से कोर्स का फीस स्ट्रेक्चर के दस्तावेज संबंधित बैंक में आफलाइन जमा करने होते हैं। इसके साथ ही लोन होने पर बैंक खाते में पांच फीसद मार्जिन मनी होना आवश्यक है। चार लाख रुपये तक की गारंटी नहीं लेता बैंक पर साढ़े सात लाख के लोन पर थर्ड पाटी गारंटी और इससे अधिक पर गारंटी देनी होती है। लोन पास होने के 120 महीने के भीतर बैंक को लोन अदा करना होता है।

इनका कहना है-

कोरोना के चलते लोग घर में रहे काम काज बंद रहा, जिन पर लोन था वह किश्त नहीं चुका सके, बैंकों ने किश्त होल्ड पर की, ब्याज तक छोड़ा। काम काज बंद होने पर जरूरी था कि बच्चों का भविष्य खराब न हो तो बैंकों ने अधिक से अधिक शिक्षा लोन बांटा।

- सुशील कुमार, लीड बैंक मैनेजर

Posted By: anil tomar

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