ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Coronavirus Gwalior News : सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में गुरुवार सुबह 7 बजे आम दिनों से ज्यादा हलचल थी। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में मेडिकल स्टाफ लगातार आ-जा रहा था। ऑपरेशन के उपयोग वाले औजारों की गिनती से लेकर उपलब्ध करवाए जा रहे थे। साथ ही लाइटिंग, टेवल को मूव कर देखा जा रहा था। एसी बंद होने पर एक स्टैंड पंखे की व्यवस्था करवाई गई। इस हलचल से लग रहा था मानो आज कोई बड़ा ऑपरेशन होने वाला हो।

मामला था 160 करोड़ की लागत से बने सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में पहली बार कोरोना पॉजिटव गर्भवती की सीजेरियन डिलीवरी का। बच्चे के गले में नाड़े के दो अंटे लगे होने से उसे पोषक अहार नहीं मिल पा रहा था एवं जांच में पीलिया की भी शिकायत थी। इसलिए उसकी नॉर्मल डिलीवरी में खतरा था।

गुरुवार सुबह ऑपरेशन करने वाली टीम नियत समय पर अस्पताल पहुंच गई। इससे पहले कमलाराजा अस्पताल की अधीक्षक डॉ. वृंदा जोशी और कोविड-19 की नोडल अधिकारी डॉ. नीलमा सिंह वहां पहुंच चुकी थीं। मरीज का हालचाल लेने के बाद उन्होंने मॉड्यूलर ओटी का निरीक्षण किया।

ऑपरेशन करने वाली टीम पीपीई किट पहनकर तैयार थी, उससे चर्चा की। इसके बाद धौलपुर से आई 24 वर्षीय गर्भवती महिला को स्ट्रेचर के सहारे ओटी में लाया गया। जहां 8 बजकर 25 मिनट पर एनास्थीसिया के डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ. खुशबू ने गर्भवती की जांच-पड़ताल कर उसे निश्चेतना दी।

इसके बाद एसोसिएट प्रो. डॉ. राजकिशोर दंडोतिया, प्रो. डॉ. शिवानी व नर्सिंग स्टाफ की मदद से सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया। पीडियाट्रीशियन डॉ. सौरव ने डिलीवरी के बाद बच्ची की जांच पड़ताल की। बच्ची का वजन 2 किलो 800 ग्राम निकला। स्वस्थ जच्चा-बच्चा को कुछ समय बाद वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। पूरे ऑपरेशन में करीब 40 मिनट का समय लगा। तब तक डॉ वृंदा जोशी और डॉ. नीलिमा सिंह ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे रहे कि यदि कोई स्थिति बिगड़े तो मदद कर सकें।

संक्रमण का पता चलते ही केआरएच पहुंची थी गर्भवती

धौलपुर की रहने वाली 24 वर्षीय महिला की पहली डिलीवरी थी। इससे पहले उसका एक बार ऑवरशन हो चुका था। इसलिए परिजनों ने 37 सप्ताह होते ही गर्भवती को एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। जहां पर जांच में पता चला कि महिला कोरोना संक्रमित है तथा अल्ट्रासाउंड से पता चला कि डिलीवरी में जटिलता है, ऑपरेशन करना होगा। तब उसे केआरएच के लिए रेफर किया गया। जहां उसकी रिपोर्ट देखकर सुपर स्पेशियलिटी में 27 मई की शाम को भर्ती किया गया और 28 मई की सुबह ऑपरेशन किया गया।

पॉजिटिव महिला की चौथी डिलीवरी हुई नॉर्मल

कमलाराजा अस्पताल की अधीक्षक डॉ जोशी ने बताया कि अंबाह मुरैना की 30 वर्षीय महिला जिला अस्पताल मुरैना से रेफर होकर 26 मई को आई थी। 27 की रात 2 बजे उसकी नॉर्मल डिलीवरी करानी पड़ी। डॉ. प्रीती शर्मा और डॉ. शिवानी व नर्सिंग स्टाफ ने मिलकर 30 मिनट में नॉर्मल डिलीवरी करवाई। महिला ने एक स्वस्थ्य पुत्री को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। महिला की यह चौथी डिलीवरी थी, इससे पहले उसे दो बेटे और एक बेटी भी है। जिसके कारण वह एनेमिया की शिकार थी।

स्टाफ देगा 14 दिन ड्यूटी

डॉ. जोशी का कहना था कि डिलीवरी व ऑपरेशन में जिन डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ व सपोर्टिंग स्टाफ ने काम किया है, वह 14 दिन तक कोविड वार्ड सुपर स्पेशियलिटी में अपनी ड्यूटी करेंगे और इसके बाद वह क्वारंटाइन होंगे। इन सभी की ड्यूटी सुपर स्पेशियलिटी में लगा दी गई है। अब यह केआरएच के आईसोलेशन वार्ड में काम नहीं करेंगे।

इनका कहना है

सुपर स्पेशियलिटी में पहली कोरोना पॉजिटिव गर्भवती की सीजेरियन डिलीवरी सफलतापूर्वक हुई है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। इससे पहले 27 मई का रोत में भी एक कोरोना पॉजिटिव महिला की नॉर्मल डिलीवरी कराई गई है।

डॉ. गिरिजाशंकर गुप्ता, अधीक्षक सुपर स्पेशियलिटी

Posted By: Nai Dunia News Network

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