Coronavirus Gwalior News : ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि। जिला अस्पताल मुरार में कोविड मरीजों को भर्ती करना शुरु कर दिया है। 4 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। मेडिसिन के डॉक्टरों ने बुढ़ापा, बीमारी का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए। सिविल सर्जन ने अब क्षय रोग विशेषज्ञ एवं एनएसथिसिया के डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई है। 14 दिन का संकट तो टल गया, लेकिन इसके बाद डॉक्टर कहां से लाएंगे इसकी परेशानी अब भी बनी हुई है।

अस्पताल में डॉक्टरों की सूची तैयार कराई जा रही है। खास बात यह है कि बुजुर्ग अपनी उम्र का हवाला दे रहे हैं तो कुछ बीमार हैं। बाकी बचे इमरजेंसी ड्यूटी के साथ अन्य जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में कोविड ड्यूटी के लिए सरकारी डॉक्टरों का इंतजाम भारी पड़ रहा है। सिविल सर्जन प्रयास कर रहे हैं कि आयुर्वेद या कहीं से भी डॉक्टरों का इंतजाम हो जाए तो काम चल जाए।

जिला अस्पताल मुरार में अब तक कोविड मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा था। मुरार सिंहपुर रोड निवासी कोरोना पॉजिटिव वीरेन्द्र खंडेलवाल की मौत के बाद कलेक्टर ने इस पर खासी नाराजगी जताई थी। क्योंकि परिजनों ने आरोप लगाया था कि बार-बार कहने के बाद भी मरीज को भर्ती नहीं किया गया। अब जिला अस्पताल में भी कोविड मरीजों को भर्ती करना शुरु कर दिया गया है। 14 दिन के लिए क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ मनीष शर्मा, एनएसथिसिया के डॉक्टर उपेन्द्र एवं डॉ विनोद बाथम की ड्यूटी कोविड वार्ड में लगाई गई है। अन्य डॉक्टरों से भी पूछा गया लेकिन कोई कोविड ड्यूटी के लिए राजी नहीं हुआ। कुछ ने बीमारी तो कुछ ने उम्र का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में अब कोविड वार्ड में ड्यूटी के लिए डॉक्टरों की खोजबीन बड़ी परेशानी बन चुका है।

कोई टेंशन नहीं पर इमरजेंसी ड्यूटी का भारः-अस्पताल में कई युवा चिकित्सक भी हैं। जिनसे इमरजेंसी ड्यूटी कराई जा रही है। हालांकि यदि प्रबंधन चाहें तो बीमार या बुजुर्गों की ड्यूटी इमरजेंसी में लगाई जा सकती है। जिससे कोविड ड्यूटी के लिए डॉक्टरों की कमी को दूर किया जा सकता है। हालांकि स्पेशिलिस्ट होने के कारण प्रबंधन ड्यूटी लगाने से बच रहा है।

किस विभाग में क्या स्थिति

मेडिसिनः-डॉ मृदुल सक्सेना(उम्र अधिक), डॉ राजेश शर्मा(किडनी रोग से ग्रस्त), डॉ नरेश लछवानी(इमरजेंसी ड्यूटी के साथ रूटीन मरीज)

ईएनटीः-डॉ अमित रघुवंशी(कोविड सैंपलिंग नोडल ऑफिसर), डॉ सुनील शर्मा(ह्दयरोग से ग्रस्त), डॉ अनिल गुप्ता( इमरजेंसी ड्यूटी)

पीडियाट्रिक्सः-डॉ पवन गर्ग, डॉ केएन शर्मा( उम्र अधिक) हालांकि एक चिकित्सक ने सहमति दे दी है। डॉ अनिल सिंह(इमरजेंसी ड्यूटी)

पैथोलॉजीः-डॉ हरेन्द्र सिंह(कोविड टेस्ट लैब प्रभारी), डॉ एसके गांगिल( इमरजेंसी ड्यूटी, किडनी रोग से ग्रस्त)

नेत्ररोगः-डॉ गजराज सिंह गुर्जर(नोडल ऑफिसर फीवर क्लीनिक, नेत्र रोग सर्जरी) हालांकि सर्जरी अभी कम हो रही है। डॉ हरीश चंद्र कुशवाह(इमरजेंसी ड्यूटी, इंसीडेंट कमांडर के साथ ड्यूटी), डॉ एके सिंह(इमरजेंसी ड्यूटी, रूटीन ओपीडी), डॉ आरके जैन(इमरजेंसी ड्यूटी)

सर्जरीः-डॉ एसआर शर्मा(उम्र अधिक, ह्दयरोगी)

आर्थोपैडिकः-डॉ विपिन गोस्वामी(सर्जरी, रूटीन ओपीडी), डॉ राजेन्द्र सिंह(सर्जरी, रूटीन ओपीडी), डॉ राजपूत(इमरजेंसी ड्यूटी)

डायलिसिसः-डॉ पुलकित खटोड़(डायलिसिस)

इनका कहना है

कोविड वार्ड में 4 मरीज भर्ती हैं। हमने क्षय रोग, एनएसथिसिया के डॉक्टरों की ड्यूटी भी लगा दी है। कुछ चिकित्सकों की उम्र अधिक है, जबकि कुछ बीमार हैं। इसलिए उनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई है। इमरजेंसी ड्यूटी में स्पेशिलिस्ट को नहीं लगाया जा सकता है। अभी 14 दिन यही चिकित्सक ड्यूटी करेंगे, इसके बाद अगले 14 दिन के लिए हम डॉक्टरों की सूची तैयार करवा रहे हैं। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

डॉ डीके शर्मा, सिविल सर्जन जिला अस्पताल मुरार

Posted By: Nai Dunia News Network

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