Coronavirus Patient : ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना से मौत का ग्राफ बढ़ गया है। लोग एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचने के बाद पैदल चलकर वार्ड में पहुंच रहे हैं। मगर कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही सालों से कंट्रोल शुगर एवं बीपी अचानक बढ़ जाता है। यह बीमारी कुछ दिन में उनकी मौत का कारण तक बन रही है। एक्सपर्ट के मुताबिक ऐसा एक्युट स्ट्रेस रिएक्शन के कारण होता है। जिसमें अचानक किसी गंभीर बीमारी का पता चलते ही व्यक्ति घबरा जाता है और शुगर-बीपी बढ़ने लगता है। बुजुर्ग एवं पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए यही घबराहट मौत का बड़ा कारण बन जाती है।

केस-1 : सेवानगर निवासी आरके पुनियानी उम्र 79 साल 8 अगस्त को जेएएच के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हुए थे। यहां पहुंचने के बाद अपनी बेटियों से वीसी के जरिए बातचीत भी की थी। रात 9 बजे उनको पता चला कि वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। रात करीब 10ः30 बजे उनको सुपर स्पेशियलिटी में शिफ्ट किया गया। करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई। परिजन के मुताबिक नियमित व्यायाम करने के साथ ही अस्पताल पहुंचे तब पूरी तरह स्वस्थ थे।

केस-2 : घासमंडी निवासी बालकृष्ण अग्रवाल उम्र 61 साल को शुगर थी। परिजनों के मुताबिक शुगर भी कंट्रोल में थी। 2 अगस्त को जब रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उनको केवल उल्टी हो रही थी। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और तीन दिन पहले उनको वेंटिलेटर पर रखना पड़ गया। बुधवार को सुपर स्पेशियलिटी में उनकी मौत हो गई।

दो दिन पहले जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव मरीज धर्मेन्द्र राजपूत ने हाथ की नस काटकर दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। हालांकि मरीज की जान बच गई, लेकिन हाथ में गंभीर चोट आई थी। मरीज के इस आत्मघाती कदम के पीछे डिप्रेशन को बड़ा कारण माना जा रहा है। यह तो महज एक उदाहरण है। खास बात यह है कि इसी प्रकार से चलते-फिरते मरीज भी अचानक दम तोड़ चुके हैं।

इन मरीजों की उम्र तो अधिक थी, लेकिन नियमित दिनचर्या के कारण खुद को मेंटेन करके रखा था। इसके बाद जैसे ही कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई तो शुगर, बीपी तेजी से बढ़ना शुरू हो गया। एक बार हालत बिगड़ना शुरू हुई तो यह वापस अस्पताल से बाहर नहीं आ सके थे। नईदुनिया ने जब कुछ एक्सपर्ट से बातचीत की तो निकलकर आया कि व्यक्ति बीमारी का नाम सुनते ही हिम्मत हार जाता है। जिससे कोरोना कम, लेकिन दूसरी बीमारियां शरीर को तोड़कर रख देती हैं।

अब तक की स्थिति

- 31 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हुई

- 23 मरीजों की उम्र 50 साल से अधिक थी

- 8 मरीजों की उम्र 50 से कम थी।

- 25 मरीजों को शुगर-बीपी की शिकायत थी।

क्या बरतें सावधानी

- कोरोना को सामान्य सर्दी-जुकाम की बीमारी की तरह स्वीकार करें।

- घरेलू उपचार करने की बजाए जांच कराएं और इलाज कराएं।

- शारीरिक दूरी का पालन करें लेकिन सोशल मीडिया के जरिए लोगों से जुड़े रहें।

- मरीज से सहानुभूति रखें, द्वेष भाव ना रखें।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

कोरोना की बीमारी की अवधि काफी लंबी हो चुकी है। हर दूसरे व्यक्ति में डिप्रेशन के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। जब भी कोई गंभीर प्रवृत्ति का तनाव हमें होता है तो एक्युट स्ट्रेस रिएक्शन की स्थिति बनती है। इसमें शुगर-बीपी बढ़ना स्वाभाविक है। यह स्टेबलिश मरीज, शुगर या हार्ट के मरीजों के लिए गंभीर होता है। मरीज जल्दी सीरियस स्थिति में पहुंच जाता है। - डॉ. कमलेश उदैनिया, मनोरोग विशेषज्ञ जीआर मेडिकल कॉलेज

कोरोना संक्रमण के कारण सामाजिक, आर्थिक तनाव से व्यक्ति गुजर रहा है। जब रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो मरीज सबसे अलग हो जाता है। घरवालों से नहीं मिल पाता है, सामाजिक अलगाव हो जाता है। लोग भी दूरी बनाने लगते हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ता है। इससे बीपी-शुगर लेबल बढ़ना स्वाभाविक प्रक्रिया है। लोगों को चाहिए कि वह शारीरिक दूरी का पालन करें, लेकिन मरीज के साथ द्वेष पूर्ण व्यवहार नहीं करें। - डॉ. अतुल अग्रवाल, एचओडी मनोरोग विभाग जीआर मेडिकल कॉलेज

स्वभाविक तौर पर मरीज से जब लोग सामाजिक दूरी बनाने लगते हैं तो व्यक्ति तनाव में आता ही है। इसलिए मैं अपने मरीजों के परिजन से खुद फोन पर बात करके अपडेट देता रहता हूं। पॉजिटिव आते ही लोगों को लगता है कि अब उनको कोई बड़ी बीमारी हो जाएगी। जबकि ऐसा कुछ नहीं है, केवल मानसिक रूप से खुद को मजबूत रखें तो इस बीमारी को आसानी से हराया जा सकता है। घरेलू उपचार लेने की जगह कुछ भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराएं। - डॉ. अजय पाल, प्रोफेसर मेडिसिन विभाग जीआर मेडिकल कॉलेज

Posted By: Prashant Pandey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020