आरोप: डंपर मालिक बोला-ग्वालियर सर्किल के सीएसपी ने दो डंपर रोके, मैंने 10 तो दूसरे ने दिए 25 हजार

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्वालियर के सीएसपी रेत से लदे डंपरों से वसूली के आरोप लगे हैं। हालांकि पहले भी पुलिस कर्मियों पर वसूली के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन इस बार सीधे सीएसपी पर आरोप हैं। इसलिए मामला गंभीर हो गया है। यह आरोप डंपर के मालिक ने नईदुनिया से ऑन डिकार्डिंग लगाए हैं। हुआ यूं कि मामला शुरू हुआ दो डंपरों को ट्रांसपोर्ट नगर रोड साडा बायपास से पहले रोके जाने पर, सीएसपी ग्वालियर प्रमोद शाक्य ने दो डंपरों को रोका और फिर स्टाफ को मौके पर छोड़ आगे बढ़ गए। कुछ देर बाद एक डंपर गायब हो जाता है दूसरा बहोड़ापुर थाने के बाहर लगवा दिया जाता है।

इसी सूचना पर नईदुनिया की टीम ने पड़ताल की तो एक डंपर का मालिक थाने पर खड़ा मिला। यहां आन रिकार्डिंग उससे बात की गई तो उसने स्पष्ट कहा कि सीएसपी ने सचेती पेट्रोप पंप के पास दो डंपर रोके, ओवरलोड रेत थी इसपर पहले 50 हजार की डिमांड स्टाफ से कराई और 10 हजार रुपये में मामला सेट हो गया। दूसरे डंपर को 25 हजार लेकर छोड़ा गया। यहां बता दें कि यह वही सीएसपी प्रमोद शाक्य हैं जिन्होने कुछ दिन पहले भी बहोड़ापुर चौराहा पर दो रेत लदे डंपर रोके थे और जय भोलेनाथ नाश्ता सेंटर पर खड़े कराकर चालकों को पुराने वाले बहोड़ापुर थाने भेज दिया था, इसी बीच डंपरों का मालिक दूसरे चालक व चाबियां लाकर डंपर लेकर भाग गया। एक डंपर पर रायल्टी बताई थी दूसरे पर नहीं थी, ऐसे में न माइनिंग को सूचना दी न कोई लिखापढ़ी की गई। दोनों चालकों को भी छोड़ दिया गया। खुद सीएसपी ने भी स्वीकारा था कि चालकों को बिना कार्रवाई के छोड़ा गया है।

डंपर मालिक भगवानदास प्रजापति: ऐसे सामने आया खेल

स्थान बहोड़ापुर थाना, डंपर क्रमांक एमपी07 एचबी 4786 का मालिक थाने पर खड़े होने के दौरान

नईदुनिया टीम: आपकी गाड़ी रोक ली है।

मालिक: रायल्टी चालू हो गई तो ओवरलोड पर रोककर वसूली कर रहे हैं, ग्वालियर से श्योपुर की रायल्टी है, पैसा ले लिए दस हजार रुपये।

नईदुनिया टीम: 10 हजार तो बहुत ज्यादा ले लिए, अब क्या होगा, आपकी किससे बात हुई थी।

मालिक: मौके से गाड़ी लाए हैं, मौके पर 50 हजार बताए थे, 50 का तो माल भी नहीं है, चार हजार बचते हैं एक गाड़ी पर, सीएसपी ने रोकी थी।

नईदुनिया टीम: अब आप क्या करोगे, किसी नेता से फोन कराया क्या, किसने पकड़ी है गाड़ी

मालिक: सीएसपी ने गाड़ी पकड़ी है खुद, दूसरा जो डंपर था उसने 25 हजार रुपये लिए हैं। अब क्या करेंगे कुछ नहीं।

नईदुनिया टीम: अब तो रेत से प्रतिबंध भी हट गया है, आपके पास पक्के कागज होंगे।

मालिक: ग्वालियर से श्योपुर की रायल्टी है जीएसटी भी दिया है, कोर्ट में मामला जाएगा तो दो दिन खराब होंगे। दूसरे की गाड़ी जो भिंड पास थी 25 हजार में छूटी है। ़नईदुनिया टीम: आप अपना नंबर दे दो हम प्रयास करेंगे कि आपकी समस्या का हल हो।

मालिक: मुझसे तो 10 हजार रुपये ले लिए गए हैं, क्या करते। गाड़ी अब छोड़ दी है। कुल मिलाकर सीएसपी उधर से सचेती पेट्रोल पंप से आ रहा था उसने रोका और सिपाहियों को फोन लगा दिया कि गाड़ी ले जाओ थाने। इसके बाद सीएसपी का चालक मेरे पास आया। बाद में जो स्टाफ आया उसने कहा कि सीएसपी ने पैसे मंगवाए हैं। सीएसपी ने फोन करके अपने स्टाफ को पैसे लेने को बोला था।

रुटीन चेकिंग में डंपर व कई वाहन रोके जाते हैं, मैंने डंपर रोके होंगे। रायल्टी होने पर हम नहीं रोकते हैं, डंपर मालिक का कहना है कि मैंने रोके डंपर तो रोके होंगे और स्टाफ को जांच के लिए बोल दिया होगा। थाने ले जाकर छोडा गया यह दिखवाता हूं। स्टाफ के लोगों ने मेरे पीछे कुछ किया तो आप मुझे नाम बताएं, कार्रवाई की जाएगी।

प्रमोद शाक्य, सीएसपी,ग्वालियर सर्किल

अवैध वसूली के संबंध में डंपर मालिक को शिकायत करना चाहिए। वह पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत करे जिसपर जांच कराएंगे। जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अमित सांघी, एसएसपी,ग्वालियर

Posted By: anil tomar

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