अजय उपाध्याय, ग्वालियर नईदुनिया। ग्वालियर में कड़ाके की ठंड अब जानलेवा साबित हाेती जा रही है। ब्रेन स्ट्राेक एवं ह्दयघात के कारण अब तक कई लाेगाें की माैत हाे चुकी है। इसलिए सर्दी के माैसम में ब्लड प्रेशर एवं शुगर के मरीज विशेष रूप से सावधान रहें, वर्ना बन सकते हैं सर्दी के शिकार। यदि आप सुबह या शाम काे वाक पर जानें के शाैकिन हैं ताे इस समय विशेष सतर्कता बरतें, बाहर जाएं भी ताे गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। ग्वालियर के जेएएच में न्यूरोलाजी, न्यूरोसर्जरी और कार्डियोलाजी में प्रतिदिन ब्रेन स्ट्रोक,ह्दयघात के चलते 20 से 25 मरीज भर्ती हो रहे हैं। जिनकी हालत गंभीर होती है। इन मरीजों में युवा भी शामिल हैं। पिछले एक सप्ताह से मरीजों की संख्या बढ़ी है, साथ ही मौत का आंकड़ा भी बढ़ा है। पहले ब्रेन स्ट्रोक या ब्रेन हेमरेज और ह्दयघात व बीपी की शिकायत अधिक उम्र के लोगों में पाई जाती थी, लेकिन अब यह शिकायत युवाओं में देखने को मिल रही है। उसका कारण बीपी,शुगर की शिकायत के बीच ठंड का प्रकोप बन रहा है।

जानें क्याें हाेती है ब्रेन स्ट्राेक की शिकायतः

-सुबह जल्दी बिस्तर छोड़कर सीधे ठंडे वातावरण में आना।

-सुबह-शाम सैर पर निकलना।

-दिन में चलने वाली सर्द हवा के सम्पर्क में रहना।

-धूम्रपान का सेवन करना।

-तेज मिर्च मसाला व तला हुआ भोजन का सेवन अधिक करना।

-शुगर, बीपी, मरीजों द्वारा समय पर जांच न कराना व दवा न लेना।

सर्दी में ये करेंः

-सुबह बिस्तर न छोड़ें।

-ठंडे वातावरण में जाने से बचें।

-सुबह-शाम सैर पर न निकलें।

-शुगर, बीपी व ह्दयरोगी समय पर जांच कराएं और दवाएं नियमित रुप से लें।

-खान पान पर ध्यान रखें, धूम्रपान का सेवन न करें।

-गुनगुना पानी पिएं, ठंडे पानी के संपर्क में भी न आएं।

वर्जन-

ठंड बढ़ने से मरीजों में ब्रेन हेमरेज की शिकायत बढ़ी है। न्यूरोलाजी की ओपीडी में प्रतिदिन 8 से 10 ब्रेन हेमरेज के गंभीर मरीज पहुंच रहे हैं। पिछले दस दिन से प्रतिदिन 2 से 3 मरीजों की ब्रेन हेमरेज के चलते मौत हो रही है। इस वक्त सावधानी रखें और घर में सुरक्षित रहें। शुगर व बीपी के मरीज अपना नियमित चेकअप कराएं व दवाएं नियमित लें।

डा अरविंद गुप्ता, न्यूराेलाजी विभाग जेएएच

Posted By: vikash.pandey

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