Dengue in Gwalior: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। जयारोग्य अस्पताल परिसर में बने हास्टल में डेंगू ने अपना डेरा जमा लिया है। डेंगू के केस तेजी से जेएएच परिसर में बढ़ते जा रहे हैं। नर्सेस हास्टल की वार्डन तक डेंगू की चपेट में आने से बीमार है तो वहीं एक दर्जन नर्सेस डेंगू पीडित हो चुकी हैं। लेकिन उनकी सुध लेने के लिए जेएएच प्रंबधन ने एक बार भी प्रयास नहीं किया गया है जबकि शनिवार को तीन जूनियर डाक्टर डेंगू की चपेट में आकर भर्ती हुए थे जिनका हाल चाल जानने के लिए खुद जेएएच अधीक्षक उनसे मिलने पहुंचे थे।

जबकि इससे पहले नर्सिंग होस्टल में एक दर्जन नर्सेस डेंगू की शिकार बन चुकी हैं। इनमें से दो नर्सेस कमलाराजा से डिस्चार्ज होकर अपोलो में इलाज लेने तक पहुंची। हालांकि नर्सेस के बीच जेएएच अधीक्षक काे लेकर नाराजगी है कि जिस तरह से वह जूनियर डाक्टर को देखने पहुंचे उस तरह से कभी नर्सेस की तरफ ध्यान नहीं दिया जबकि वह भी अस्पताल का ही हिस्सा हैं। इधर शहर के वार्ड नंबर 18,19, 29 ,30,65 ,15 ,05 ,13, 31 में डेंगू के तेजी से मरीज बढ़े हैं। यह वही वार्ड हैं जहां पर कोरोना भी पहली व दूसरी लहर में तेजी से बढ़ा था। दो साल पहले डेंगू केस भी इन क्षेत्रों में अधिक मिले थे। यह वार्ड सिटीसेंटर का कुछ हिस्सा, डीडी नगर, शताब्दीपुरम, गोवर्धन कॉलोनी, गोला का मंदिर, मुरार, नाका चन्द्रबदनी, कंपू, ग्वालियर और हजीरा का क्षेत्र शामिल हैं। डेंगू के तेजी से बढ़ रहे केस काे कंट्रेाल करने के लिए मलेरिया विभाग का अमला लार्वा सर्वे का काम कर रहा है। जिन क्षेत्रों में मरीज मिल रहे है। वहां पर मरीज के आसपास के 100 मीटर केदायरे में डेंगू लार्वा का सर्वे किया जा रहा है। पर यह नाकाफी हो रहा है। क्योंकि नगर निगम का स्वास्थ्य अमला सुस्त पड़ा हुआ है। डेंगू जिस गति से बढ़ रहा है और लेाग उसकी चपेट में आ रहे है। उसके कारण चिंता का कारण बना हुआ है। क्योंकि इस बात की आशंका जाहिर की जा रही है कि कहीं कोविड के वेरियंट का बदला स्वरुप डेंगू के रुप में तो नहीं आ गया जो लोगों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू मच्छर से फैलने वाली बीमारी है और दो साल पहले भी इसी गति से मरीज बढ़े थे।

Posted By: anil.tomar

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