Dengue in Gwalior: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। डेंगू शहर में तेजी से बढ़ रहा है और बच्चों को सबसे अधिक डंक मार रहा है। डेंगू पाजिटिव बच्चों में इस बार नया लक्षण देखने को मिल रहा है। करीब 30 फीसद बच्चों में मसल्स पेन (जांघ और पिंडलियों में दर्द) की शिकायत सामने आई है, जिससे उनका चलना-फिरना मुश्किल हो गया है।

कमलाराजा अस्पताल के शिशुरोग विशेषज्ञ का कहना है डेंगू मरीजों को सिर्फ जांघ व पिंडलियों में दर्द की शिकायत पहली बार आई है। पहले मरीज पूरे शरीर में दर्द होने की पीड़ा बताते थे। जिले में अब तक 1061 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं, इनमें 60 फीसद बच्चे हैं। अब तक चार बच्चों की डेंगू से जान भी जा चुकी है।

डेंगू पीड़ित बच्चों में यह लक्षण

- पेट, हाथ-पैर, सिर व आंखों में दर्द

- पिंडलियों व जांघ में दर्द

- उल्टी आना

- कमजोरी

डेंगू की गंभीरता को समझें, समय रहते लें उपचार

बच्चों या बड़ों के पेट, सिर व हाथ-पैर में दर्द रहता है और उसे लगातार उल्टी या फिर दस्त लगें, शरीर में चकते होें तो बिना देर किए डाक्टर से परामर्श लेकर इलाज कराएं। समय रहते इलाज मिलने पर आप स्वस्थ हो सकेंगें। इन लक्षणों के आने पर बीमारी की गंभीरता को समझें।

यह करें: जांघ और पिंडलियों में दर्द आने से नींद की कमी हो रही है। बच्चों को उठने बैठने में परेशानी होती है, वह चलने-फिरने में असमर्थता जताते हैं। ऐसे में बच्चों को अधिक से अधिक अराम कराएं। बच्चों को चलाएं-फिराएं न। यदि जांघ व पिंडलियों में दर्द होने पर उन्हें दावें नहीं, इससे और भी परेशानी हो सकती है।

तरल पदार्थ दें: डेंगू पीड़ित बच्चों को खाने में तरल पदार्थ दें। उन्हें खिचड़ी, दलिया, ओआरएस का घोल आदि पिलाएं। शरीर में पानी की कमी न रहने दें।

वर्जन

इस बार डेंगू मरीजों में नया लक्षण देखने को मिल रहा है। कमलाराजा अस्पताल में आने वाले डेंगू पीड़ित तीस फीसद बच्चों को जांघ व पिंडलियों में दर्द की शिकायत है। इससे बच्चे कमजोरी महसूस कर चलने-फिरने में असमर्थता जता रहे हैं। उठने बैठने में भी परेशानी आ रही है।

डा. घनश्याम दास, शिशुरोग विशेषज्ञ, शिशुरोग विभाग जेएएच

Posted By: anil.tomar

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