Dengue in Gwalior: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्वालियर में प्रतिदिन औसत आठ लोग डेंगू की चपेट में आ रहे हैं। खास बात यह है कि हर साल शहर के कुछ स्थान ही डेंगू के हाटस्पाट बनते हैं। इन्हीं क्षेत्रों में लार्वा पनपने के पीछे का कारण जानने की कोशिश स्वास्थ्य विभाग द्वारा कभी नहीं की गई। यही वजह है कि इस बार भी डेंगू के केस इन्हीं क्षेत्रों में सबसे अधिक पाए जा रहे हैं।

पिछले वर्षो में जिन क्षेत्रों में ज्यादा डेंगू मरीज पाए गए थे, वहां स्वास्थ्य विभाग ध्यान देता तो इस बार यहां बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सकता था। इन क्षेत्रों में तैनात मलेरिया विभाग के कर्मचारी समय रहते सर्वे व दवा का छिड़काव करते तो डेंगू पैर नहीं पसार पाता। सोमवार को भी 11 लोगों की डेंगू की रिपोर्ट पाजिटिवि आई। इसमें आठ मरीज आदित्यपुरम, गोला का मंदिर, थाटीपुर, ग्वालियर, मुरार, तानसेन नगर व सिंकदर कंपू के हैं, जबकि तीन मरीज जिले के बाहर के बताए गए हैं।़इिनकी रिपोर्ट पाजिटिव: सोमवार को मिले डेंगू पाजिटिव में आदित्यपुरम निवासी 10 वर्षीय तेजस, थाटीपुर का नौ साल की सुनिंधा, गोला का मंदिर का पांच वर्षीय मानबहादुर, मुरार निवासी मधु, ग्वालियर की 12 वर्षीय तनुष्का व 25 वर्षीय प्रमोद, सिकंदर कंपू निवासी 10 साल का अनंत, तानसेन नगर का 15 साल का कौशलेंद्र शामिल हैं। इनके अलावा भिंड निवासी 23 वर्षीय संजीव, मुरैना का 45 वर्षीय सूरज और शिवपुरी निवासी 13 वर्षीय मानसी भी डेंगू की चपेट में आई है। यह सभी सरकारी व निजी अस्पताल में इलाज ले रहे हैं।

इंतजाम नाकाफी, लापरवाही की हद

मलेरिया विभाग डेंगू-मलेरिया को नियंत्रित करने जनजागरूकता अभियान चलाता है। इसके अलावा लार्वा सर्वे और दवा छिड़काव भी करता है, लेकिन यह काम हकीकत से ज्यादा दिखावटी रहता है। इधर लोग भी हद दर्जे की लापरवाही करने से नहीं चूकते। जिन जगहों पर बारिश से जलभराव रहते है, वहां समय रहते दवा छिड़की जाए तो डेंगू लार्वा पनप ही नहीं पाए। कालोनी व मोहल्लो में लोगों ने मवेशी पाल रखें हैं, जिनके पीने के लिए टंकी में पानी भरकर रखते हैं। यह टंकी महीनों तक साफ नहीं की जाती। सात दिन पानी एक जगह भरा रहे तो वहां लार्वा पनप जाता है। डीडी नगर, शताब्दीपुरम, आदित्यपुरम, गोवर्धन कालोनी, पिंटो पार्क, गोला का मंदिर, मुरार के कुछ स्थान, सिकंदर कंपू, ग्वालियर व हजीरा आदि क्षेत्रों में जलभराव व मवेशी अधिक हैं। इनहीं क्षेत्रों में अधिक मरीज मिल रहे हैं। पिछले कुछ सालों में भी इन्हीं क्षेत्रों में डेंगू के मरीज अधिक मिले थे।

डीडी नगर में बिना सर्वे के लौटी टीम

सोमवार को डीडी नगर में डेंगू मरीज मिलने पर जब मलेरिया विभाग की टीम पहुंची, लेकिन उसे बैरंग लौटना पड़ा। जिला मलेरिया अधिकारी का कहना है कि टीम के साथ वह खुद थीं। जब घर मालिक से डेंगू लार्वा सर्वे करने के लिए कहा तो उसने इन्कार कर दिया। उसे काफी समझाया, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ और टीम को वापस लौटना पड़ा। इसी तरह आदित्यपुरम में एक घर में डेंगू मरीज मिला है। उन्होंने भी घर में सर्वे नहीं करने दिया। जब लोग बीमार होने के बाद भी टीम को काम करने से रोकेंगे तो कैसे डेंगू नियंत्रित होगा।

वर्जन

कई क्षेत्रों में लोग टीम को घर में सर्वे नहीं करने दे रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए बीमारी रोकने शासन काफी पैसा खर्च कर रही और टीम सर्वे करने आ रही हैं। जो कर्मचारी लंबे समय से एक ही स्थान पर हैं और उनके क्षेत्रों में डेंगू अधिक पनप रहा है तो उनके कार्य को देखा जाएगा। इसके आधार पर उनसे जवाब व कार्य में बदलाव किया जाएगा।

डा. नीलम सक्सेना, प्रभारी मलेरिया अधिकारी

Posted By: anil.tomar

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