-नईदुनिया पड़ताल: पुलिस की डायल-100 सेवा में लगीं एफआरवी बीमार

-पुलिस अफसर बेपरवाह,कंपनी पर टाल रहे पूरा जिम्मा

ग्वालियर।100 नंबर लगाओ,पुलिस बुलाओ, गारंटी नहीं कि आपकी मदद को पुलिस समय पर आ जाएगी। जिस डायल-100 सेवा की एफआरवी के भरोसे आपने काल किया है, वह खुद ही मदद मांग रही है। पुलिस की छवि को सबसे पहले जनता तक पहुंचाने वाली एफआरवी खराब हैं, किराए की चलानीं पड़ रहीं है, पायलटों को वेतन तक समय पर नहीं मिल रहा है। ऐसे हाल में तत्काल मदद कैसे होगी। जिले और जोन के जिम्मेदार अफसरों को भी परवाह नहीं है,जर्जर वाहन सड़कों पर दौड़ाए जा रहे हैं। 45 में से पांच गाड़ी जर्जर हैं यानि चलने लायक नहीं हैं। 18 वाहन किराए के इस सेवा में चल रहे हैं। अगस्त माह का वेतन नहीं मिला है। पुलिस के अफसर कंपनी का जिम्मा बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।

हकीकत यह है कि कई बार 100 नंबर पर सूचना देने के बाद भी पुलिस स्पाट पर नहीं पहुंच पाती। इस तरह की शिकायतें अब बढ़ने लगी हैं। फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल की यह स्थिति समय पर मेंटेनेंस न होने की वजह से हुई है। डायल-100 व्यवस्था के संचालन का ठेका मध्यप्रदेश में पुणे की बीवीजी कंपनी के पास है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो वाहनों के इस हालात की वजह यह भी है, क्योंकि कंपनी का कार्यकाल 2020 में पूर्ण हो गया था। इसके बाद से लगातार कंपनी को एक्सटेंशन मिल रहा है। मार्च में टेंडर होने थे, लेकिन नहीं हो सके, उस समय फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल बढ़ाने और पुराने फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल को हटाकर नए वाहन लगाने का निर्णय हुआ था। लेकिन नए टेंडर नहीं हो सके, इसलिए अब कंपनी जर्जर वाहनों को ही दौड़ा रही है।

फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल:किस हालात में हैं, कब हुई थी शुरुआत

- 2015 में इसकी शुरुआत हुई थी। बीवीजी कंपनी को काम मिला था। ग्वालियर में 45 पाइंट बनाए गए थे, जिसमें से 31 पाइंट शहर और 14 पाइंट देहात के इलाकों में बनाए गए हैं।

- यहां अभी फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल लगाए गए हैं। 45 वाहनों में से 5 वाहन तो खराब हो चुके हैं, इसके चलते इन वाहनों को आफ रोड कर दिया गया है।

- अब जो 41 गाड़ियां बची हैं, उनमें से 18 गाड़ियां किराए पर हैं। इनकी भी स्थिति अच्छी नहीं है।

स्टाफ का दर्द: 30 की स्पीड में डर लगता है,वेतन का रोना अलग

एफआरवी के एक चालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगस्त का वेतन अभी तक नहीं मिला। यह हर बार की स्थिति है। कई बार तो दो-दो माह वेतन के लिए इंतजार करना पड़ता है। गाड़ियों की स्थिति यह है कि इन्हें 30 या 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने में भी डर लगता है। गाड़ियां जर्जर हो चुकी हैं, इन्हें जैसे-तैसे चला रहे हैं। जिस चालक ने यह जानकारी दी, उसने बताया वह जिस गाड़ी को चलाता है, उसका तो गेट तक जाम हो जाता है। टायर भी नहीं बदले गए हैं।

कथन

जो गाड़ियां खराब हो गई हैं, उनकी जगह किराए की गाड़ियां लगाई गई हैं। अभी सिर्फ 5 गाड़ियां आफ रोड हैं, जिन्हें भी जल्द ही आन रोड कराया जाएगा। वेतन अगस्त का नहीं आया है, इस संबंध में बात की है।

दीपक भार्गव

कंसल्टेंट, डायल 100

Posted By: anil tomar

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