ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर में मानसून दस्तक देने वाला है। झमाझम बारिश होते ही शहर के मुख्य पर्यटन स्थल बैजाताल में गंदा पानी भरना शुरू हो जाएगा। इससे वहां बोटिंग के लिए पहुंचने वाले सैलानियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में भी बैजाताल में लगभग दस माह पहले भरे गए पानी में सैलानियों को बोटिंग कराई जा रही है और इस पानी में से अब दुर्गंध आने लगी है। बरसात होने पर यहां हालात और ज्यादा खराब हो जाएंगे।

शहर को सुंदर बनाकर पर्यटकों को आकर्षित करने के प्रयास कर रहे नगर निगम के अफसर वर्तमान में बैजाताल में गंदे पानी में नाव चलाकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ रहे हैं। बैजाताल में पिछले 10 माह से पानी नहीं बदला गया है। इसके चलते अब पानी से दुर्गंध आने लगी है। इसके चलते सैलानियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। निगम कर्मचारी गंदे पानी में ब्लीच व केमिकल डालकर दुर्गंध दूर करने की जुगत कर रहे हैं। यह स्थिति तब है जबकि निगम ने नाव चलाने का सपना पूरा करने के लिए यहां डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से सीवेज फिल्टर प्लांट लगाया था और लगाया और बैजाताल के मेंटेनेंस पर करीब 50 लाख रुपए खर्च किए हैं। चार साल पहले बैजाताल के पास ही प्लांट लगवाया था। इस पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। इसका लोकार्पण तत्कालीन महापौर (अब सांसद) विवेक शेजवलकर ने किया था। उस समय दावा किया गया था कि सीवर के पानी को साफ कर बैजाताल में डालेंगे और यहां साफ पानी में लोग बोटिंग का आनंद लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस कारण बोट क्लब दुर्गति का शिकार हो गया है। बैजाताल में फव्वारे लगाकर पानी को शुुद्ध करने का प्रयास किया जाता है। इससे दुर्गंध कुछ कम हो जाती है। बैजाताल में आसपास की कालोनियों का नाला आकर मिलता है। बरसात होने पर इस क्षेत्र का बरसात और सीवर का पानी बैजाताल में भर जाता है। इस कारण बोटिंग बंद करना पड़ती है। फिर भी अधिकारियों के पास सीवर के पानी को रोकने की ठोस योजना नहीं है।

Posted By: anil tomar

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close