Gwalior Court News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। जिला एवं सत्र न्यायालय अशोकनगर के एक अपर सत्र न्यायालय को दुष्कर्म पीड़िता व उसकी मां की पहचान उजागर करना महंगा पड सकता है। हाई कोर्ट ने जिला न्यायाधीश को देश दिए है कि पीठासीन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब लिया जाए। दुष्कर्म पीडि़ता के नाम का खुलासा भारतीय दंड संहिता और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन है। वहीं इस केस के आरोपित को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।

आरोपी महेश कुशवाह 1 मार्च 2021 से जेल में है। आरोपी के खिलाफ पीडि़ता की शिकायत पर धारा 376 तथा पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को पुलिस थाना चंदेरी ने गिरफ्तार किया था। महेश पर आरोप लगाया गया है कि उसने पीडि़ता को अश्लील फिल्म दिखाकर उसके साथ बलात्कार का प्रयास किया था, लेकिन तभी पीडि़ता के पिता के पहुंचने पर आरोपी भाग गया था। उसने हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की। उसकी ओर से तर्क दिया कि पीड़िता व अन्य गवाहों ने अभियोजन कहानी का समर्थन नहीं किया है। ये अपनी गवाही से बदल गए हैं। इसलिए जमानत पर रिहा किया जाए। अपर सत्र न्यायालय के पीठासीन अधिकारी के आदेश में पीड़िता की पहचान उजागर हो गई थी। जब ये मामला हाईकोर्ट के सामने आया तो पीठासीन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। संभवत ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी दुष्कर्म पीडि़ता का नाम उजागर हो गया हो।

Posted By: anil.tomar

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