ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। शासकीय धनराशि काे निकालकर उसका उपयोग शासकीय कार्याे में नहीं करने की जगह अपने निजी कार्याे में करने के मामले में चार पूर्व सरपंचों को 30 दिन तक जेल में बंद रखने का जिला पंचायत सीइओ आशीष तिवारी ने आदेश जारी किया है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष तिवारी ने अलग-अलग आदेशों में जनपद पंचायत डबरा की ग्राम पंचायत कुम्हर्रा के पूर्व सरपंच सोबरन सिंह परिहार, जनपद पंचायत भितरवार की ग्राम पंचायत चरखा की पूर्व सरपंच भागवती, जनपद पंचायत घाटीगाँव (बरई) की पूर्व सरपंच किरन और ग्राम पंचायत कुलैथ के पूर्व सरपंच रमेश जाटव को 30 दिवस के लिए जेल में रखने के निर्देश अधीक्षक केन्द्रीय कारागार को दिए गए हैं।

पूर्व सरपंच सोबरन सिंह परिहार ग्राम पंचायत कुम्हर्रा ने राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत स्वीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय कुम्हर्रा, शासकीय प्राथमिक विद्यालय ईटाटोरा का पुरा में भवन निर्माण, ग्राम कुम्हर्रा व नाहटौली में सीसी रोड़, हैण्डपम्प संधारण, वृक्षारोपण सहित अन्य निर्माण कार्यों के लिए शासन ने राशि जारी की थी। इस राशि में से लगभग 5 लाख 23 हजार रुपये पूर्व सरपंच ने निर्माण कार्य में खर्च नहीं कर अपने निजी कार्याे में खर्च कर लिए। इसी तरह ग्राम पंचायत चरखा की पूर्व सरपंच भागवती ने मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के तहत जारी की गई राशि में से लगभग 3 लाख 79 हजार रुपये को अपने पास रखकर दुरूपयोग किया। इसी प्रकार ग्राम पंचायत रामपुरा की पूर्व सरपंच किरन द्वारा एक लाख 89 हजार रुपये की राशि का दुरूपयोग किया है। ग्राम पंचायत कुलैथ के पूर्व सरपंच रमेश जाटव ने 14 वें वित्त आयोग सहित अन्य योजनाओं की राशि में से लगभग 3 लाख 98 हजार रुपये की राशि शासन कोष में जमा नहीं कराई है। इसके चलते चारों पूर्व सरपंचों के खिलाफ मध्यप्रदेश पंचायतीराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के अंतर्गत वसूली का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। इसके बाद इन सभी को राशि वापस करने के लिए नोटिस जारी कर समय भी दिया गया। लेकिन इन लोगों ने राशि वापस नहीं की। इसके चलते जिला पंचायत सीइओ ने चारों पूर्व सरपंचों को 30 दिन तक जेल में रखने के आदेश जारी किए हैं।

Posted By: anil.tomar

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