ग्वालियर। नईदुनिया रिपोर्टर

श्री 2500वें भगवान निर्वाण न्यास महोत्सव ने कंपू स्थित महावीर भवन में गुरुवार को कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके अंतर्गत जैन नाट्य मंचन के क्षेत्र में ख्यात हरिद्वार की सुषमा कौशिक की टीम ने नेमी-राजुल संवाद पर आधारित भगवान नेमीनाथ चरित्रम्‌ नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी। शुभारंभ सत्र के मुख्य अतिथि पूर्व आईएएस आरके जैन थे। विशिष्ट अतिथि रूप में अजीत कुमार शास्त्री उपस्थित थे।

नाटक की अवधि एक घंटा 20 मिनट की है। इसमें भगवान नारायण कृष्ण के चचेरे भाई नेमीनाथ का विवाह जूनागढ़ की राजकुमारी राजुल के साथ होने जा रहा है। नारायण कृष्ण नेमीनाथ की बारात लेकर जूनागढ़ पहुंचते हैं। गाजे बाजों के साथ बारात निकाली गई। तभी दूल्हा बने नेमीनाथ को पशुओं का चीख सुनाई देती है। उन्हें पता चलता है कि अन्य राज्यों के राजाओं के भोजन के लिए पशुओं का वध किया जाएगा। यह सुनकर नेमीनाथ के अंर्तमन में वैराग्य उमड़ उठा और वे रथ से उतर गए।

विवाह करने से इनकार करते हुए गिरनार पर्वत चल देते हैं। यह दृश्य देखकर दुल्हन बनी राजुल उनके पीछे-पीछे चल देती है, पूछती है कि आखिर मेरा क्या दोष था, जो मुझे छोड़कर जा रहे हो। नेमीनाथ ने राजुल को समझाया कि दुनिया के रिश्ते स्वार्थ के हैं। हमें स्वयं का कल्याण करना है और उसके लिए वे दिगंबर दीक्षा धारण कर रहे हैं। तब राजुल भी नेमीनाथ के पीछे गिरनार पर्वत पहुंचती हैं और वह भी आर्यिका दीक्षा धारण कर लेती है। यह पूरी प्रस्तुति नृत्य से दी गई। प्रस्तुति सुनील कौशिक, नारायण कृष्श, आशीष पांडेय, कविता, सुनील दत्त और सुषमा कौशिक ने दी। इस मौके पर महावीर भवन न्यास के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र कुमार गंगवाल, उपाध्यक्ष निर्मल जैन, सचिव शरद गंगवाल, आदित्य जैन, डॉ वीके जैन आदि उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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