सच्चे रिश्तों में प्रबंधन की जरूरत नहीं

रिश्तों के प्रबंधन पर पक्ष में विद्यार्थियों ने कहा कि समाज की बेहतरी के लिए जरूरी है कि लोग रिश्ते निभाएं, जिसमें प्रबंधन होना जरूरी है। वहीं विपक्ष में कहा कि ऐसा रिश्ता ही क्या जिसमें प्रबंधन की जरूरत पड़े। रिश्ते दिल से बनाए जाते हैं और उन्हें मैनेज करने की जरूरत नहीं होती है। कॉम्पीटिशन में सरस्वती शिशुमंदिर से तान्या उपाध्याय, वैष्णवी पाराशर, गोरखी स्कूल से नीरज भार्गव, योगेश निगम, ज्ञान मंदिर से गुंजन, संस्कृति, विद्या विहार से योगिता चौहान, प्रियांशी गुप्ता, रेडिएंट स्कूल से श्रेष्ठा सोनी, अभिषेक वर्मा, एक्सीलेंस स्कूल से समीक्षा दुबे, त्रियांशी सिंह, हेमा कॉन्वेंट से समीर खान, सुमित कुशवाह, संपूर्णानंद स्कूल से मीनाक्षी भदौरिया, हर्षल शिरके, सेंट्रल एकेडमी से श्वेता शर्मा, देवीकानंत और डीवीएम स्कूल से प्रशांत वर्मा व अमर प्रजापति शामिल हुए। निर्णायक की भूमिका में विचारक व समाजसेवी नितिन शुक्ला थे।

Posted By: Nai Dunia News Network