- बड़ी समस्या नसड़कों पर दौड़ रहे 3200 ई-रिक्शा, न रूट निर्धारित न स्टापेज, परमिट की भी जरूरत नहीं

ग्वालियर (नप्र)। पेट्रोल व सीएनजी महंगी होने से शहर में ई-रिक्शा की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्तमान में शहर में 3200 ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इनके न रूट निर्धारित हैं न स्टापेज। इन्हें शहर में चलाने के लिए परमिट की भी जरूरत नहीं है। नतीजा इनकी वजह से सड़कों पर जाम लगने लगा है। गति कम होने की वजह से भी ये लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। ओवरलोड सवारियां बिठाए जाने की वजह से ये सड़कों पर रेंगकर चलते हैं। जिससे ट्रैफिक की रफ्तार भी घट जाती है। ़ईि-रिक्शा के लिए पंजीयन जरूरी नहीं था। जब इनकी संख्या बढ़ने लगी तो क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने ई-रिक्शा का ट्रायल लेने के बाद पंजीनय को अनिवार्य किया। एक फीसद रोड टैक्स देने के बाद यह आरटीओ में रजिस्ट्रर्ड हो जाता है। हालांकि तीन साल पहले इनकी संख्या कम थी, लेकिन जब डीजल, पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी हुई तो इनका चलन तेजी से बढ़ा और सड़कों पर बड़ी संख्या में दिखने लगे।

यह समस्याएं आ रही हैं ई-रिक्शा से

- ई रिक्शा की क्षमता चार सवारी की है, लेकिन छह सवारियां बिठा रहे हैं, जिसे उनकी गति धीमी हो जाती है।

- एक जगह झुंड बनाकर खड़े हो जाते हैं, जिससे काफी सड़क घिर जाती है।

- मुख्य मार्गों पर अधिक चलने लगे हैं। ये बड़े वाहन के आगे हो जाते हैं तो पीछे चलने वाले वाहनों की कतार सी लग जाती है।

- इसकी अधिकतम स्पीड 40 किम प्रतिघंटा है, लोड पर यह घटकर 20 से 25 किमी प्रतिघंटा पर आ जाती है।

- ज्यादा यात्रियों को बिठाने की स्पर्धा में ये कहीं भी खड़े हो जाते हैं।

चार्ज करने नहीं ले रहे कनेक्शन

- प्रदेश में कामर्शियल वाहन को बिजली से चार्ज करने के लिए अलग से टैरिफ लागू किया गया है। यदि घर में कामर्शियल ई वाहन है तो उसे घरेलू कनेक्शन की बिजली से चार्ज नहीं किया जा सकता है। वाहन को चार्ज करने के लिए अलग से कनेक्शन लेना होगा। जानकारी के अनुसार ई-रिक्शा के मालिकों ने अपने वाहन को चार्ज करने के लिए कंपनी से कनेक्शन नहीं लिए हैं। वे घरेलू बिजली से इन्हें चार्ज कर रहे हैं।

- शहर में वितरण ट्रांसफार्मर के बाक्स खुले पड़े हैं। ई रिक्शा की बैटरी डिस्चार्ज होती है तो ये सीधे वितरण ट्रांसफार्मर से तार डालकर ई-रिक्शा को चार्ज कर लेते हैं, बिजली चोरी भी कर रहे हैं। बिजली कंपनी ने इस चोरी को रोकने के लिए अभियान भी चलाया था।

ई रिक्शा के लिए परमिट की व्यवस्था नहीं है। इसे खरीदने के बाद सिर्फ रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसे कहीं भी चला सकते हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन संख्या निर्धारित करने का कोई नियम नहीं है।

एसपीएस चौहान, आरटीओ ग्वालियर

Posted By: anil tomar

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