- स्थानीय प्रभाव से हो सकती है बूंदाबांदी

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्वालियर-चंबल संभाग के ऊपर बने चतक्रवातीय घेरे की वजह से रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी रहा, लेकिन इसका असर खत्म हो गया है। हलके बादल छा रहे हैं, लेकिन धूप निकलना शुरु हो गई है, जिससे उमस बढ़ गई है। अधिकतम तापमान 32डिसे रिकार्ड हो सकता है। स्थानीय प्रभाव से वर्षा के आसार हैं। 26 सितंबर से आसमान साफ हो जाएगा। धूप निकलने लगेगी। गर्मी के कारण स्थानीय प्रभाव से बूंदाबांदी हो सकती है।

बंगाल की खाड़ी से आया कम दबाव का क्षेत्र चक्रवातीय घेरे में बदल गया है। यह घेरा ग्वालियर-चंबल संभाग के ऊपर सक्रिय है। जिसके चलते पिछले चार दिनों से सुबह से शहर में काली घटाएं छाई रहीं। रुक-रुक तेज व हलकी वर्षा जारी रही। हालांकि मुरैना के ऊपर इस घेरे का असर अधिक रहा। वर्षा के कारण अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज होने से 27.8 डिसे दर्ज हुआ। गत दिवस आसमान साफ हो गया, जिससे उमस भरी गर्मी रही। दूसरे दिन भी आसमान साफ होने से उमस रहेगी।

ये सिस्टम हो चुके हैं खत्म, इसलिए नमी घटी

- चक्रवातीय घेरा ग्वालियर-चंबल संभाग के ऊपर था और बंगाल की खाड़ी से इसे नमी मिल रही है। पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इससे अरब सागर से नमी आ रही थी। दोनों तरफ से आ रही नमी के कारण कहीं-कहीं तेज वर्षा हुई। कहीं हल्की वर्षा हुई। अब ये सिस्टम खत्म हो गए है, जिससे नमी मिलना बंद हो गई है। बादल भी नहीं छाएंगे, जिससे वर्षा के आसार कम रहेंगे।

इनका कहना है

- ग्वालियर में एक दिन और हलकी वर्षा रहेगी। 26 सितंबर को धूप निकल अाएगी। उसके बाद वर्षा के अासार नहीं है। बंगाल की खाड़ी में कोई सिस्टम भी नहीं है।

डा वेदप्रकाश सिंह, रडार प्रभारी मौसम केंद्र भोपाल

Posted By: anil tomar

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