ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। जीआर मेडिकल कोलेज के डाक्टरों को कोरोना के चलते दो साल बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश मिला है। पर लग रहा है कि इस वर्ष भी डाक्टरों के ग्रीष्म कालीन अवकाश खटाई में पड़ सकता है, क्योंकि इस बार चुनाव का गृहण लग सकता है। जो डाक्टर एक मई को एक महीने के अवकाश पर निकल गए उन्होंने तो ग्रीष्म कालीन अवकाश मना लिया पर जो एक जून से अवकाश पर जाने वाले थे उन्हें अवकाश शायद ही मिल सके। क्योंकि चुनाव के चलते अवकाश रद्द किए जा रहे हैं। असल में चुनाव के चलते शासकीय अधिकारी व कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। अब जो भी अवकाश पर जाएगा उसे प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।

हाल ही में जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) आशीष तिवारी द्वारा एक आदेश भी जारी किया जा चुका है। जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से सभी विभागों को निर्देश दिए थे कि विशेष परिस्थितियों में किसी भी प्रकार के अवकाश को स्वीकृत करने से पूर्व विभागीय कार्यालय प्रमुखों को अपर कलेक्टर एचबी शर्मा से अनुमोदन लेना होगा। जिस कारण अब उन चिकित्सकों की परेशानी खड़ी हो गई है, जो 1 जून से एक माह के अवकाश पर जाने वाले हैं। जीआर मेडिकल कालेज के डीन डा समीर गुप्ता का कहना है कि संबंधित आदेश अभी उन्हें नहीं मिला है यदि आदेश मिलता है उसके अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे। मेडिकल कालेज में क्लीनिकल व नॉन क्लीनिकल मिलाकर करीब 250 चिकित्सक हैं। जिसमें से 125 दो मई से छुट्टी पर भी चले गए हैं। जिस कारण अब छुटटी पर गए चिकित्सकों की भी अवकाश निरस्त हो सकते हैं। ऐसे में उन चिकित्सकों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी जो छुटटियां मनाने के लिए विदेश चले गए हैं। जो डाक्टर अगले महीने अपने परिवार के साथ टूर पर जाने का प्लान बनाकर बैठे थे उनके आगे अब संकट खड़ा हो चुका है। कई डाक्टरों ने विदेश जाने के लिए टिकट तक करवा रखे हैं। यदि चुनाव हुआ तो उन्हें अपनी छुट्टी रद्द करनी पड़ सकती है। जिसको लेकर परेशानी खड़ी होगी।

Posted By: anil.tomar

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