ग्वालियर । नईदुनिया रिपोर्टर

नगर निगम की ओर से स्वच्छता के सुर कार्यक्रम में परफॉर्म करने के लिए बॉलीवुड के जाने-माने गायक जावेद अली को बुलाया था। लेकिन बारिश के कारण यह कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। इसके बाद जावेद अली ने व्यापार मेले में अपनी प्रस्तुति दी। बाहर बारिश की बूंदे गिर रही थीं और मेला परिसर में जावेद अली सुरों की बारिश कर रहे थे। अपनी ठहरी हुई आवाज में उन्होंने अपने गीतों के साथ बॉलीवुड के कुछ सदाबहार नगमे भी सुनाए। तू मेरी अधूरी गुजारिश से शुरू हुआ गीतों का सिलसिला देर रात तक चला। जावेद ने कहने को जश्न-ए-बहारा हैं, तुम जो मिल गए हो, तू मेरी अधूरी ख्वाहिश के साथ हाल ही में दंबग 3 में आया उनका गीत नैना की भी प्रस्तुति दी।

तानसेन की समाधि पर न जा पाने का मलाल हमेशा रहेगा

मेरा नाम जावेद हुसैन था। मैं उस्ताद गुलाम अली का बचपन से ही दीवाना था। उनके गाने सुनकर ही बढ़ा हुआ। मैंने सोचा की उनका नाम गुलाम अली है और मेरा जावेद हुसैन, यदि मेरा भी नाम जावेद अली हो तो। इसके बारे में मैंने अपने पिता को बताया तो उन्होंने कहा कि उस्ताद आपको जिंदगी की राह दिखाता है। वो आपको काबिल बनाता है इसलिए मुझे कोई परेशानी नहीं है। इसके बाद पिता की रजामंदी से मैंने अपना नाम जावेद अली रखा। वहीं मैंने जिंदगी में नाम का असर भी बहुत देखा है। यह भी इसका एक कारण था। यह बात बुधवार को शहर आए बॉलीवुड के मशहूर गायक जावेद अली ने कही।

जावेद अली ने कहा कि मैं ग्वालियर दूसरी बार आया हूं। लेकिन समय की कमी के कारण तानसेन की दरगाह पर नहीं जा पाया। इस बात का हमेशा मलाल रहेगा। यह शहर संगीत की विभूतियों का शहर है और यहां प्रस्तुति देना किसी हवन या यज्ञ करने के समान है। उन्होंने बताया कि पिछले माह मेरा दबंग 3 में गाया गीत नैना लड़े बहुत ही पॉपुलर हुआ है और आने वाले समय में और गीत सुनने को मिलेंगे।

अच्छा मंच हैं रियलिटी शो

जावेद अली ने कहा कि युवाओं को संगीत में अधिक समय देने के साथ धैर्य रखना चाहिए। रियलिटी शो अच्छा प्लेटफॉर्म है। यहां से निकले गायक बहुत अच्छा कर रहे हैं। अपनी सफलता के बारे में उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मेरा नेचर इसका कारण है। मुझे साधारण रहना बहुत पसंद है और गीतों में भी सादा भाषा प्रयोग करना पसंद करता हूं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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