ग्वालियर। बड़े स्वाद से आप जो पापड़, मैक्रोनी और इसी तरह के दूसरे आयटम बच्चों को खिलाते हैं, इनके बनाने में बड़ी धोखेबाजी सामने आई है। बुधवार को गिरवाई क्षेत्र स्थित हारकोटा सीर में श्रीकृष्ण फूड प्रोडक्ट की पापड़-मैक्रोनी की फैक्टरी में केमिकल और रंगों का उपयोग तो बनाने में मिला ही साथ ही फूड टीम को देख मालिक के इशारे पर लेबर ने खतरनाक रंगों के पैकेट छत से फेंक दिए।

फूड टीम ने छत से झाड़ियों में रंगों के पैकेट देखने का प्रयास भी किया, लेकिन नहीं दिख सके। गंदे फर्श पर फ्रेश स्टॉक और सड़ा हुआ स्टॉक एक साथ रखा था। अंदर कर्मचारी पसीने से भीगे हुए गंदे हाथों से पापड़-मैक्रोनी का कच्चा माल गूंथकर मशीन में डाल रहे थे। सड़े-गंदे माल का बड़ा स्टॉक मौके पर पाया गया। जिसके बारे में संचालक कोई जवाब नहीं दे सका। वहीं गिरवाई ग्राम में गुप्ता फूड प्रोडक्ट कुणाल नमकीन के यहां गंदगी पाई गई। पाम ऑयल में पूरा नमकीन बनाया जाता है और पैकिंग में कोड नहीं हो रहा था। वहीं गैर ब्रांडेड मसालों का उपयोग होता मिला।

ऐसे मिला सेहत से खिलवाड़ : ऑन द स्पॉट

श्रीकृष्ण फूड प्रोडक्टः दीपक धमीजा

यहां बाहर ही गंदे फर्श पर पापड़ की छोटी कलर बॉल पड़ी हुईं थी। जिन पर मजदूर व स्टाफ गंदगी लगी चप्पल-जूते रखकर निकल रहे थे। यहीं सड़ा हुआ खराब माल का स्टॉक रखा था। यूनिट के मालिक दीपक धमीजा बार-बार पूरी टीम को एक ही कमरे में बैठने की कह रहे थे, लेकिन टीम के मेंबर उपर-नीचे सभी जगह निरीक्षण कर रहे थे। छत पर इसी बीच फूड ऑफिसर लखनलाल कोरी ने देखा कि एक मजदूर छत से नीचे तालाब की झाड़ियों की तरफ रंगों के पैकेट फेंक रहा था। उसे रोका, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद सड़े और सही स्टॉक के बारे में विजय धमीजा से पूछा, लेकिन वह कुछ भी नहीं बता सके।

इसके बाद पहली मंजिल पर ऑटोमैटिक मशीन से पपड़ियां बनकर छत पर फिंकती जा रही थीं और यह धूल से भरी गंदी छत थी। लेबर गंदे हाथों से पसीना-पसीना होता हुआ कच्चा माल हाथों से मशीन में डाल रहा था। सोडियम बाइकार्बोनेट सहित रंग भी मिले। दीपक धमीजा ने बताया कि 5 हजार वर्ग फीट पर यूनिट है। जिसका कॉर्मशियल डायवर्सन बताया गया। एक टन डेली खपत है और 32 रुपए किलो में यह बेचा जाता है।

यह लिए सैंपल

-पापड़ कचरी

-पापड़ खारा

-पापड़ पैलेटस

गुप्ता फूड प्रोडक्टः मनीष गुप्ता

मनीष गुप्ता के पिता रामबाबू गुप्ता के नाम से फर्म है और राम मंदिर के पीछे कुणाल नमकीन नाम से प्रतिष्ठान है। यहां फूड सेफ्टी ऑफिसर रवि शिवहरे, निरुपमा शर्मा, लखनलाल कोरी, लोकेंद्र सिंह पहुंचे और जांच शुरू की। यहां सड़ा जैसा बेसन का थोड़ा स्टॉक मिला। चावल के आटे का बड़ा स्टॉक मिला, जो नमकीन में मिलाया जाता है। वहीं गणपति फूड के नाम से मसालों का स्टॉक रखा था, जो नमकीन का स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इन मसालों पर कोई डेट व कंटेट नहीं डले थे। यहां कढ़ाई व मशीनों के आसपास काफी गंदगी मिली और यूनिट में ही नल व लेबर के हाथ पैर धोने का एरिया बना था। पाम ऑयल का स्टॉक इतनी गंदगी में था कि टीम को भी हैरानी हुई।

यह लिए सैंपल

-पाम ऑयल

-नमकीन मिक्स

-सुपर हर्ष नमकीन

थाटीपुर में निरीक्षण, रिकॉर्ड रखने के लिए दिया फॉर्मेट

फूड सेफ्टी टीम ने बुधवार को थाटीपुर एरिया में खाद्य दुकानों को दैनिक रजिस्टर रखने के लिए समझाइश दी और उनकी दुकानों का निरीक्षण किया। 12 लाख से ज्यादा टर्न ओवर वाले खाद्य प्रतिष्ठानों को निर्धारित फॉर्मेट देना शुरू कर दिया गया है।

इनकी फैक्ट्री में हुए निरीक्षण

-गुप्ता डेयरी

-लकी स्वीट्स

-जोधपुर मिष्ठान भंडार

-डबल हाथरस स्वीट्स

-भाटिया डेयरी

-आनंद डेयरी

-मिल्क वाहन