बलबीर सिंह. ग्वालियर। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में जिले में अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि मानसून सीजन में वर्षा का पानी सहेजा जा सके। जिले में 102 सरोवरों को तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने सरोवरों के निर्माण में फर्जीवाड़ा किए गए हैं। ऐसा एक मामला भितरवार जनपद पंचायत की अमरोल पंचायत में सामने आया है। यहां स्टेट काल के बड़े तालाब (करीला तालाब) के अंदर पंचायत ने अमृत सरोवर का निर्माण किया है। ऐसी जगह पर अमृत सरोवर का निर्माण बताया जा रहा है। स्टेट काल के इस तालाब में करीब आठ फीट तक पानी भरता है। वर्षा के दौरान चार महीने यह जगह डूबी रहती है।

नईदुनिया रिपोर्टर ने अमरोल के अमृत सरोवर की ग्राउंड रिपोर्ट की तो काफी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जहां अमृत सरोवर का निर्माण दिखाया जा रहा है वहां तालाब का बीयर (ओवरफ्लो होने पर पानी के निकालने का रास्ता) बना हुआ है। 1980 के दशक में यह तालाब फूट गया था। इसके बाद 2006 में जल संसाधन विभाग ने इस तालाब का जीर्णोद्घार कराया। करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। बंड सुधार के लिए तालाब के अंदर मौजूद शासकीय जमीन से मिट्टी खोदी गई थी। मिट्टी के खुदने से गड्ढा हो गया था। यह गड्ढा तालाब के डूब क्षेत्र के अंदर है। इसी गड्ढे को पंचायत ने अपना अमृत सरोवर बता दिया है। गड्ढे से हल्की मिट्टी उठाकर पालिश कर दी है। ओवरफ्लो पानी को निकालने के लिए बेस्ट बियर का निर्माण भी जल संसाधन ने कराया है। इस निर्माण की ग्रामीणों ने शिकायत भी की है।

उल्टी ओर बनाई बंड

- वैसे बंड पानी को रोकने के लिए बनाई जाती है। अमरोल अमृत सरोवर पर उल्टी बंड बनाई गई है। पुराने तालाब के पानी से सड़क की सुरक्षा के लिए जो बंड बनाई थी, उसकी पालिश कर दी है। उल्टी जगह पर बंड बताना बताया जा रहा है। बड़े तालाब के अंदर जो वर्षा का पानी आता है, उसका रुख दूसरी ओर मोड़ दिया है। इससे तालाब भी भरना मुश्किल हो जाएगा।

-अमृत तालाब बनाना बताया गया है, वहां गहरे गड्ढे थे। इन गड्ढों को मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। इससे तालाब का गहरीकरण भी कम हुआ है। अमृत सरोवर पर तीन लाख 33 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।

55 अमृत सरोवरों का निर्माण पूरा

जिले में 102 अमृत सरोवर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें से 55 अमृत सरोवर का काम पूरा हो गया है। 47 अमृत सरोवर अभी अधूरे हैं। जबकि कार्य 15 अगस्त तक पूर्ण करना है। अमृत सरोवर का काम अधूरा होने की वजह से वर्षा का पानी नालों में बह गया है। यदि इनका कार्य पूरा हो जाता तो काफी पानी की बचत हो सकती थी।

जनपद पंचायतों में अमृत सरोवरों की स्थित

जनपद पंचायत सरोवर

मुरार 19

घाटीगांव 36

डबरा 23

भितरवार 24

जिले में 102 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें से 55 का काम पूरा हो चुका है। शेष का कार्य प्रगति पर है। अमरोल पंचायत में गलत अमृत सरोवर का निर्माण कराया है। इसकी जांच कराएंगे। ऐसा क्यों हुआ, पता करेंगे।

आशीष तिवारी सीईओ जिला पंचायत

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