ग्वालियर। नाबालिग सहेलियों से पड़ोस में रहने वाले दो युवकों ने दोस्ती की। उन्हें बहला-फुसलाकर ओरछा मंदिर घुमाने ले गए। वहां उनसे शादी कर शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद उन्हें गुजरात ले गए। पर इसी बीच पुलिस को दोनों किशोरियों की लोकेशन मिल गई।

शनिवार को पुलिस ने गुजरात से दोनों नाबालिगों को बरामद कर लिया है। आरोपी झांसी, टीकमगढ़ के रहने वाले हैं। काम की तलाश में ग्वालियर आए थे। पुलिस ने अपहरण व दुष्कर्म का मामला दर्ज कर शनिवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया है।

महलगांव सिटी सेंटर से 2 अगस्त को दो नाबालिग छात्राएं संदिग्ध हालातों में लापता हुई थीं। परिजन ने अपने स्तर पर तलाश करने के बाद विश्वविद्यालय थाना में बहला-फुसलाकर अपहरण की आशंका व्यक्त की थी। जब पुलिस ने दर्ज कर पड़ताल शुरू की तो पता लगा कि छात्राआंे के घर के पास ही कुछ समय पूर्व रहने आए दो लड़के भी उसी दिन से नहीं दिख रहे हैं। जिस पर पुलिस ने उनकी हिस्ट्री खंगाली।

इसी बीच पुलिस को दोनों नाबालिगों की मोबाइल लोकेशन गुजरात में मिली। गुजराज के अहमदाबाद पहुंचकर शुक्रवार रात पुलिस ने दोनों किशोरियों को मुक्त कराया। साथ ही पड़ोस में रहने वाले दोनों युवकों को पकड़कर ग्वालियर ले आई। युवकों की पहचान महेन्द्र पुत्र राजीव अहिरवार निवासी झांसी (उप्र) और सूरज बाथम पुत्र दशरथ बाथम निवासी टीकमगढ़ (मप्र) के रूप में हुई है।

मजदूरी करने आए थे दोस्ती कर छात्राओं को फंसाया

महेन्द्र और सूरज दोनों अपने-अपने घर से काम की तलाश में ग्वालियर आए थे। यहां महलगांव में उन्होंने छात्राओं के घर के पास कमरा किराए से लिया था। वहां रहते हुए उन्होंने छात्राओं से दोस्ती की। इसके बाद उनके साथ रहने पर छात्राओं को घुमाने और आजाद जिंदगी जीने के सपने दिखाए। 2 अगस्त घुमाने ले जाने की कहकर घर से बुलाया और ओरछा ले गए। यहां उनके साथ शादी की और शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद बंधक बनाकर गुजरात ले गए, वहां भी दुष्कर्म किया।

शातिर दिमाग हैं दोनों आरोपी

दोनों आरोपी बेहद शातिर हैं। उन्होंने छात्राओं के घर छोड़ने से पहले उनसे एक पत्र भी लिखवाया था। इसमें लिखा था कि वह अपनी मर्जी से घर छोड़कर जा रही हैं, उनको तलाश करने का प्रयास न करें। ताकि परिवार व पुलिस यह समझे कि वह अपनी मर्जी से गई हैं।