ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

अवैध होर्डिंग्स के मामले में निगम अधिकारियों और एजेंसी संचालकों के गठजोड़ पर सख्त नगर निगम परिषद ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति का संयोजक पार्षद धर्मेन्द्र राणा को बनाया है जबकि सदस्य के रूप में नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित तथा भाजपा पार्षद धर्मेन्द्र कुशवाह को शामिल किया है। समिति की पहली बैठक सोमवार को हुई। समिति ने शहर में लगे वैध होर्डिंग्स की सूची के लिए निगमायुक्त को पत्र भेजा है। पत्र मिलते ही निगम प्रशासन सकते में आ गया और आनन-फानन में अधिकारियों को अवैध होर्डिंग्स हटाने सड़क पर भेज दिया। सोमवार को जिम्मेदार अधिकारियों ने मदाखलत अमले के साथ जीवाजी क्लब रोड तथा गोला का मंदिर चौराहा से अवैध होर्डिंग्स हटाने की कार्रवाई की। गोला का मंदिर पर एजेंसी संचालक के विरोध के चलते पुलिस बुलाना पड़ी।

गोला का मंदिर पर बुलाना पड़ी पुलिस

निगमायुक्त संदीप माकिन के निर्देश पर होर्डिंग्स शाखा के उपायुक्त अनिल दुबे, नोडल अधिकारी केशव सिंह चौहान, साक्षी वाजपेयी तथा सहायक नोडल अधिकारी शशिकांत शुक्ला जीवाजी क्लब के पास पहुंचे और पीआरजे एजेंसी के अवैध रूप से लगे दो यूनिपोल से फ्लैक्स हटाए। इसके बाद शाम को अमला गोला का मंदिर चौराहा पहुंचा। वहां ग्लोमार्ट एजेन्सी के अवैध होर्डिंग्स लगे थे। मदाखलत कर्मियों ने जब होर्डिंग्स से फ्लैक्स हटाने की कार्रवाई तो एजेंसी के कर्मचारियों ने विरोध कर दिया। अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के निर्देश पर पुलिस बुला ली। पुलिस की मौजूदगी में देर शाम तक अमले ने होर्डिंग्स हटाने की कार्रवाई की।

स्ट्रक्चर गिराने के बजाय हटा रहे फ्लैक्स

अवैध होर्डिंग्स को लेकर हाईकोर्ट में याचिका विचाराधीन है। हाईकोर्ट कई बार निगम अधिकारियों को फटकार लगा चुका है। फिर भी शहर में अवैध होर्डिंग्स की बाढ़ सी आ गई है। हर दिन होर्डिंग्स सीना तानकर खड़े हो जाते हैं। जहां मंजूरी दी है वहां साइज से दो और तीन गुना बड़ा होर्डिंग्स लगाकर अवैध कमाई की जा रही है। अवैध होर्डिंग्स हटाने के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। जिस एजेन्सी संचालक से खुन्नास निकालना होती है उसका तो लोहे का पूरा स्ट्रक्चर ही काट दिया जाता है। लेकिन जिससे गठजोड़ होता है और यदि उसकी जनता या जनप्रतिनिधियों की ओर से शिकायत मिलती है तो दिखावे के लिए केवल फ्लैक्स हटा दिया जाता है। दो-चार दिन बाद वहां फिर फ्लैक्स पर विज्ञापन टंग जाता है।

जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं

होर्डिंग्स के अवैध कारोबार को निगम अधिकारी जानबूझकर बढ़ावा दे रहे हैं। वैध होर्डिंग्स लगाने के लिए निगम ने टेंडर बुलाए थे। करीब आधा सैकड़ा टेंडर छह माह से होर्डिंग्स शाखा के सहायक नोडल अधिकारी शशिकांत शुक्ला के पास ही अटके हैं। वे मंजूर-नामंजूर करेंगे तभी ई-फाइल आगे बढ़ेगी। मंजूरी में अटकने के कारण निगम को राजस्व की चपत लग रही है। उसके बाद भी वरिष्ठ अधिकारी सख्त कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

इनका कहना है

सोमवार को समिति की पहली बैठक हुई। हमने वैध होर्डिंग्स की सूची, 2015 के बाद से अब तक किए टेंडर, एजेन्सियों के नाम, प्राप्त राजस्व, न्यायालयीन प्रकरण सहित अन्य जानकारियां मांगी हैं। जांच रिपोर्ट हम परिषद में प्रस्तुत करेंगे।

धर्मेन्द्र राणा, समिति संयोजक

-करेंगे सख्त कार्रवाई

अवैध होर्डिंग्स हटाने की कार्रवाई कर रहे हैं। सोमवार को गोला का मंदिर पर विरोध होने पर पुलिस को साथ लेकर कार्रवाई की। करीब आधा सैकड़ा आवेदन अधीनस्थ अधिकारी के पास अटके हैं। जांच के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त ननि

Posted By: Nai Dunia News Network