- देश की राजधानी से रामराजा की राजधानी तक बनेगा एक्सप्रेस

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्वालियर में पर्यटकों देखने के लिए काफी कुछ है, लेकिन पर्यटन स्थल के अनुसार पर्यटन नहीं है, लेकिन ग्वालियर को विकास की जो नई दिशा मिली है, उससे पर्यटन को भी रफ्तार मिलेगी। हम बात कर रहे हैं ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे की। इस एक्सप्रेस को बनाने के लिए एनएचएआइ ने प्रोजेक्ट डिटेल रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम शुरू कर दिया। देश की राजधानी दिल्ली व रामराजा की राजधानी ओरछा को जोड़ने का काम किया जाएगा। इस एक्सप्रेस वे के बनने से सड़क यातायात को डेढ घंटे तक कम किया जाएगा। यह ग्वालियर होते हुए निकलेगा।

ग्वालियर में पर्यटन के हिसाब से देखने के लिए महाराजबाड़ा, किला, जयविलास पैलेस सहित अासपास भी एतिहासिक इमारते हैं। महाराज बाड़ा एशिया का दूसरा सबसे सुंदर चौराहा है। रात में यह लाइटों से रौशन होता है तो इसकी सुंदरता देखते ही बनती है। किले पर काफी एतिहासिक इमारते हैं। किले की नक्काशी दूसरी जगहों पर नहीं मिलती है। ग्वालियर में रेल की कनेक्टिविटी अच्छी है। अब नया एयरपोर्ट भी तैयार हो रहा है। सड़क की कनेक्टीविटी भी अच्छी जाएगी।

जंगल सफारी का भी ले सकते हैं आनंद

-ग्वालियर के आसपास दो नेशनल पार्क हैं। कूनो में चीते अाए हैं। जबकि शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में बाघ आने वाले हैं। ऐतिहासिक इमारतों को देखने के बाद पर्यटक जंगल सफारी का भी आनंद ले सकते हैं। इन दोनों पार्कों की ग्वालियर से दूरी 150 किमी के अंदर है।

ग्रीनफील्ड परियोजना पर एक नजर

परियोजना की कुल लम्बाई 87.00 कि.मी.

कुल आवश्यक भूमि 540.5 हैक्टेयर

भू-अर्जन की अनुमानित लागत - 158 करोड़

परियोजना के निर्माण की अनुमानित लागत 2634 करोड़ 62 लाख

ग्रीन फील्ड से एक्सप्रेस वे से यह होगा फायदा

-87 कि.मी. लम्बा ग्रीनफील्ड संरेखण आगरा शहर की नवीन प्रस्तावित रिंग रोड से प्रारंभ होकर ग्वालियर शहर के पूर्व बायपास पर समाप्त होगा।

-संरेखण आगरा, धौलपुर एवं मुरैना जिले की बाहरी सीमाओं एवं ग्वालियर से होकर गुजरेगा एवं पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल ग्रीलफील्ड हाईवे होगा। जिसमें मनिया, धौलपुर एवं मुरैना के ट्रैफिक के चढ़ने व उतरने हेतु व्यवस्था इंटरचेंज के माध्यम से प्रदान की जायेगी।

- नवीन परियोजना के आसपास लोजेस्टिक पार्क आदि का प्रावधान भी भविष्य में किया जाएगा

Posted By: anil tomar

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