- अंतरविभागीय समन्वय बैठक में हुई नवाचारों पर चर्चा

Gwalior Administration News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। जनहित से जुड़े विभाग ऐसे नवाचार करें जो राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर जिले की पहचान बन सकें। यह निर्देश कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने नवाचारों को धरातल पर लाने के लिए विभागवार 3 से 6 माह तक की समय-सीमा निर्धारित की है।

बुधवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई अंतरविभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सरकार की योजनाओं के तहत विभागवार हुए अच्छे कार्यों की जानकारी ली। साथ ही अगले महीनों में मूर्तरूप लेने जा रहे नवाचारों के संबंध में सुझाव भी लिए। उन्होंने जिले में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्कूलों की मॉनीटरिंग के लिए बनाए गए सिस्टम की सराहना की। इस सिस्टम के तहत जिले स्तर से हर कार्य दिवस को रेण्डम आधार पर 15 स्कूलों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मॉनीटरिंग की जाती है। जिसके तहत शौचालय व स्कूलों की साफ-सफाई की निगरानी के साथ-साथ बच्चों से चर्चा कर शैक्षणिक गुणवत्ता व पाठ्यक्रम अनुसार पढ़ाई पर नजर रखी जाती है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष तिवारी व अपर कलेक्टर एच बी शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

नवाचारों के लिए विभागवार आए सुझाव

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ग्वालियर शहर में एक स्कूल को अत्याधुनिक शैक्षणिकसुविधाओं के साथ-साथ उत्कृष्ट शिक्षकों की व्यवस्था कर आदर्श विद्यालय बनाया जाएगा।इसमें प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर छोटे बच्चों की अनौपचारिक पढ़ाई में आंगनबाड़ी केन्द्र भी सहयोग करेंगे। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए कि आदर्श विद्यालय में सभी व्यवस्थायें व पढ़ाई उत्कृष्टतम हो, जिससे उसमें प्रवेश के लिये बड़ी प्रतिस्पर्धा हो और विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे जिले का नाम रोशन कर सकें। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को स्वरोजगार व नौकरी दिलाने के लिये एक प्लेटफार्म के रूप में कंपनी गठित की जायेगी। साथ ही हर माह प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित कर महिलाओं को विभिन्न कंपनियों में नौकरी दिलाने के प्रयास भी होंगे। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा हर ग्राम पंचायत में “किसान लाइब्रेरी’’ स्थापित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हजीरा अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही शहर के 35 वार्ड क्लीनिक को संजीवनी क्लीनक के रूप में तैयार कर वहां आरओ के जरिए पेयजल, मजबूत रेफरल सिस्टम एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था की जाएगी।

खाद संकट: गड़बड़ी करने वाले पर एफआइआर कराएं

खाद वितरण व्यवस्था एवं सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य कार्यक्रमों की हुई समीक्षा अंतरविभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए कि खाद वितरण से जुड़ी सभी संस्थायें समय से खुलें और किसानों को सुविधाजनक तरीके से खाद मुहैया कराएं। खाद वितरण में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष तिवारी ने कहा कि जिन एल-1 स्तर

के अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को अटेण्ड नहीं किया है, उन्हें कारण

बताओ नोटिस जारी करें।

Posted By: anil.tomar

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