- बिल्डर और कालोनाइजरों से वसूली का जिम्मा तहसीलदारों पर, लेकिन वसूलते ही नहीं

ग्वालियर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। पूरे प्रदेश में जमीनों की धोखाधड़ी को लेकर कुख्यात ग्वालियर में बिल्डर और कालोनाइजरों पर प्रशासन मेहरबान है। बड़े-बड़े नाम और रसूखदारों से साठगांठ के बाद आमजनता की गाढ़ी कमाई को ठगने वाले बिल्डर-कालोनाइजरों पर ग्वालियर में छह करोड़ से ज्यादा की वसूली है। इसी वसूली को वसूलने का जिम्मा तहसीलदारों पर है, लेकिन तहसीलदारों को इसकी परवाह ही नहीं है। उधर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अफसर भी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। बिल्डर-कालोनाइजरों से ठगी के लिए बचाने व न्याय दिलाने के लिए मप्र भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण बनाया गया है, लेकिन प्राधिकरण की ओर से निकाली गई वसूली ही जब राजस्व विभाग नहीं करेगा तो इस पूरे सिस्टम का क्या मतलब हुआ। इस वसूली में शहर के छोटे-बड़े बिल्डर शामिल हैं। मौजूदा स्थिति में 53 केसों की सूची प्रशासन बनाकर बैठा हुआ है।

मप्र भू संपदा विनियामक प्राधिकरण का गठन ही इसलिए किया गया था कि रियल स्टेट कारोबार में लोगों के साथ हो रही ठगी पर लगाम लगाई जा सके। प्राधिकरण के गठन के बाद यहां सुनवाई के जरिए लोगों को राहत मिलना शुरू हुई, लेकिन अब जब मामलों का निराकरण होने के बाद रेरा की ओर से गड़बड़ करने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई की गई तो वसूली ही नहीं हो पा रही है। अब जब वसूली नहीं होगी तो सबक कैसा, इसलिए जमीनों की धोखाधड़ी करने वालों को ऐसे तो न्याय नहीं मिल सकेगा।

वसूली में छोटे से लेकर बड़े बिल्डरों तक के नाम

शहर में बड़े-छोटे बिल्डर्स से वसूली होनी है, ऐसे भी कई नाम हैं जिनकी वसूली करोड़ तक है, ऐसे बिल्डर्स से भी वसूली नहीं हुई है। यश बिल्डर्स से दो लाख 14 हजार, एम्स शांति सिटी से चार लाख से ज्यादा, जैतल कंस्ट्रक्शन से 43 लाख, जितेंद्र सिंह कुशवाह से चार लाख, राजीव भदौरिया से छह लाख, एसोसिएट सीपी लगभग 17 लाख, जैतल कंस्ट्रक्शन के अन्य मामले में 66 लाख, सालासर बालाजी से लगभग दो करोड़, सीईओ जीडीए से 15 लाख, सहारा प्राइम सिटी छह लाख पचास हजार, दूसरे प्रकरण में इनसे साढ़े छह लाख, मैसर्स सालासर से 27 लाख, जय विकास आवास से पांच हजार, आदर्श आवास विकास प्रालि से पौने तीन लाख, जीडीए से अन्य मामले में 44 लाख, एम्स प्रमोटर प्रालि से साढ़े चार लाख, सपना आशियाना से एक लाख, हेल्थ बिजनेस प्रालि से लगभग 26 लाख, महेश चंद जैन से एक लाख, सोनिका इंजीनियरिंग से दो लाख, एसइएसी लिमिटेड से 14 लाख, राज बिल्डर्स से दस लाख,आदर्श सिंह से एक लाख, एम्स शांति सिटी सिगोरा हिल्स डेढ़ लाख रुपये की वसूली होना है।

(नोट: यह मुख्य बिल्डर्स के नाम दिए हैं)

रेरा के मामलों में वसूली लंबित है। तहसीलदारों के माध्यम से यह कराई जानी है। इसको लेकर समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं, समय सीमा के साथ सभी प्रकरणों में वसूली कराई जाएगी। हाल ही में चुनाव के कारण सभी अफसर व्यस्त रहे।

कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

Posted By: anil tomar

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