-अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक में कलेक्टर ने अफसरों को लगाई फटकार

Gwalior Administration News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के बाजारों एवं अन्य व्यवसायिक क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई नियमित रूप से हो, इसमें किसी भी प्रकार की ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जिस व्यवसायिक क्षेत्र में रात्रिकाल में सफाई नहीं मिलेगी, वहां से संबंधित नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह बात कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में शहर की साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कही। दरअसल कलेक्टर रविवार रात को बाजारों में अचानक सफाई व्यवस्था देखने निकल थे और सफाई व्यवस्था खराब मिलने पर नाराजगी जताई।

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में मौजूद नगर निगम के उपायुक्त से कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को साफ-तौर पर ताकीद कर दें कि वे अपने क्षेत्र में नियमित रूप से साफ-सफाई कराएं। उन्होंने कहा सुबह के समय सभी बाजार व व्यवसायिक क्षेत्रों की सड़कों पर कहीं भी कचरा नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने महाराज बाड़ा सहित अन्य क्षेत्र की ऐतिहासिक इमारतों पर लाइटिंग व्यवस्था सुदृढ़ करने पर भी बल दिया । बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष तिवारी व अपर कलेक्टर एचबी शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व एसडीएम मौजूद थे।

मतदाता पुनरीक्षण: लापरवाह बीएलओ पर कठोर कार्रवाई करें

कलेक्टर ने निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता से लेने पर जोर देते हुए कहा कि यह कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने सभी एसडीएम एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो बीएलओ पुनरीक्षण कार्य में ढ़िलाई बरत रहे हैं उन्हें नौकरी से बाहर करने की कार्रवाई की जाए। सभी बीएलओ से इस आशय का प्रमाण-पत्र लें कि उनके क्षेत्र में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले किसी भी मतदाता का नाम नामावली से छूटा नहीं है। साथ ही त्रुटि सुधार भी हो गए हैं। परिवार के सदस्य अलग अलग केंद्रों पर पर न हों और बीएलओ को सभी घर पता होने चाहिए।

एंटी माफिया में एफआइआर भी कराएं,पटटों पर नाराज कलेक्टर

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने एंटी माफिया अभियान को और तेज करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि एंटी माफिया अभियान के तहत जब्ती व बेदखली इत्यादि की कार्रवाई करने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी अनिवार्यत: दर्ज कराएं। कलेक्टर ने धारणा अधिकार अधिनियम एवं मुख्यमंत्री भू-अधिकार आवास योजना के तहत पात्र परिवारों को अभियान बतौर आवासीय पट्टे दिए जाने के निर्देश भी सभी एसडीएम व अन्य राजस्व अधिकारियों को दिए। उन्होंने पट्टे देने की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की।

Posted By: anil tomar

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