Gwalior Agriculture News: वरुण शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। मानसून की विदाई हाे चुकी है, लेकिन अब भी प्रदेश ही नहीं ग्वालियर चंबल अंचल के कई बांध पूरे नहीं भर सके हैं। हालांकि जल संसाधन विभाग काे अब भी उम्मीद है कि अभी बारिश हाेगी और बांध पूरी तरह लबालब हाे जाएंगे। हालांकि विभाग का दावा है कि प्रमुख बांधाेंं सहित लगभग 27 बांधाें में शत प्रतिशत जलभराव हाे गया है। इसके अलावा अन्य प्रमुख बांधाें में भी 90 से 95 प्रतिशत तक पानी आ चुका है। ऐसे में आगामी रबी की फसल के लिए किसानाें काे पर्याप्त जलापूर्ति तथा पेयजल की व्यवस्था हाे सकेगी।

जल संसाधन विभाग की माने ताे प्रदेश में जल संसाधन विभाग के 39 बांध और बड़े जलाशय में से 27 जलाशय लगभग शत-प्रतिशत भर चुके हैं। इसके साथ ही 9 अन्य जलाशयों में भी 80 प्रतिशत तक पानी आ चुका है। भोपाल में केरवा डेम, होशंगाबाद में तवा बांध, विदिशा में राजघाट, हलाली, सम्राट अशोक सागर व संजय सागर बांध, टीकमगढ़ में बाणसुजारा बांध, मुरैना में पगारा, सागर में पगारा, गुना में गोपी कृष्ण और झाबुआ में माही बांध जलभराव की उच्चतम क्षमता (एमसीएम) स्तर पर पहुंच गए हैं। इसके साथ ही बारना बांध (रायसेन) राजीव सागर (बालाघाट), धौलावाड़ (रतलाम), गांधी सागर (मंदसौर), मनीखेड़ा (शिवपुरी), पारसडोल (बैतूल), पेंच (छिंदवाड़ा), रेतम बैराज बांध (मंदसौर), संजय सरोवर (सिवनी), हरसी (ग्वालियर), ककेटो (ग्वालियर),

महान (सीधी), महुअर (शिवपुरी) और अपर ककेटो बांध (श्योपुर) 95 प्रतिशत से अधिक उच्चतम जलभराव (एमसीएम) की स्थिति में पहुंच गए हैं। ईएनसी ने बताया कि अभी वर्षा की संभावना को देखते हुए जलभराव

और हाेने की संभावना है। राजगढ़ जिले के कुंडलिया और मोहनपुरा बांध में सबसे कम 34 और 47 प्रतिशत ही जलभराव हुआ है। औंकारेश्वर-खरगौन बांध 51 प्रतिशत ही भरा है। आसपास के क्षेत्रों में वर्षा से लगातार पानी बढ़ रहा है। बांधों को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

Posted By: vikash.pandey

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