Gwalior Bad roads: दीपक सविता, ग्वालियर नईदुनिया। शहर में अमृत याेजना के तहत सीवर व पानी की लाइनें डालने के लिए सड़काें की खुदाई की गई, लेकिन रेस्टाेरेशन करना भूल गए। अब बारिश में यह खुदी हुई सड़कें आमजन के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं। प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट से लेकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह ताेमर तक इन सडकों के रेस्टोरेशन के आदेश दे चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी सडकों का रेस्टोरेशन और पैचवर्क प्रारंभ नहीं किया गया है। इसकाे लेकर कलेक्टर भी मीटिंग में निगम अफसराें काे कड़ी फटकार लगा चुके हैं।

शहर में अमृत योजना के तहत कई सड़कों को खोदा गया है। इनमें पानी और सीवर दोनों की लाइनें डाली गई हैं। जबकि रेस्टोरेशन के पैसे का उपयोग सडकाें को ठीक करने की जगह नई लाइनों को बिछाने में कर दिया गया है। अमृत के कार्याें का अब पैसा भी खत्म हो चुका है, इसके कारण अब अधिकारी रेस्टोरेशन नहीं करा रहे हैं। इसका खामियाजा आमजन काे भुगतना पड़ रहा है, जो टैक्स देते हैं । वहीं सीवर लाइन 100 किलोमीटर लंबी डाली गई है, लेकिन इनमें अभी तक 18000 कनेक्शन ही किए गए हैं। जबकि इनमें 64000 के करीब लोगों को कनेक्शन देना था। इसके कारण अमृत की सीवर लाइन का महत्व ही खत्म हो रहा है। वहीं दूसरी ओर पानी की लाइन का प्रेशर 12 मीटर तक बिना मोटर लगाए जाना था, जो कि नहीं पहुंच रहा है। इन लाइनों को डालने के लिए खेादी गई सडकों की पीड़ा आमजनों को परेशान कर रही है।

Posted By: vikash.pandey

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