- रक्षाबंधन पर 40 फीसद महंगा बिका पेठा, मगर कारोबारियों का घटा मुनाफा

Gwalior Business News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के बाद उसका मुंह मीठा कराती है। मीठा मुंह कराने के लिए परंपरागत मिठाई के अलावा चाकलेट, ड्राईफ्रूट्स और प्रमुखता से पेठा खिलाने का भी चलन ग्वालियर में हैं। मगर इस साल अंचल में बाढ़ के कारण बने हालातों के चलते पेठे की मिठास भी कुछ फीकी व महंगी हो गई है। रविवार को ग्वालियर में पेठा 40 फीसद तक महंगा बिका, जिसका कारण कारोबारियों ने बाढ़ को बताया।

पेठा कारोबारी (जैन पेठा, दानाओली) के आनंद जैन उर्फ हैप्पी ने बताया कि बाढ़ आने से पहले तक सामान्य पेठा 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम था, मगर अब उसी पेठे की रेट 100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। केसर इलाइची पेठा 90 रुपये किलो था, जो अब 140 रुपये किलो में बिक रहा है। चूंकि पेठा मिठाई की अपेक्षाकृत शुद्ध होता है, इसलिए बहनें अपने भाई के लिए तरह तरह के पेठे खरीद कर लेकर जाती है। पेठा कारोबारी ने बताया कि बाढ़ के कारण श्योपुर, विजयपुर व आसपास के इलाकों में कुम्हड़े की फसल बर्बाद हो गई। पेठा बनाने में कुम्हड़े का इस्तेमाल अनिवार्य होता है। ऐसे में अब कुम्हड़े काफी अधिक महंगे हो गए हैं। 300 रुपये प्रति मन (40 किलो) कुम्हड़े मिलता था, मगर अब अनुपलब्धता के कारण कुम्हाड़े 1200 रुपये प्रति मन की रेट मिल रहा है। बैंगलोर, बिहार आदि स्थानों से माल मंगाना पड़ रहा है। माल आने में 3 से 5 दिन लगते हैं, ऐसे में 20 फीसद माल खराब भी हो जाता है। कारोबारी ने बताया कि रक्षाबंधन से दीपावली तक पेठा काफी अधिक बिकता है। चीनी की रेट भी 3400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 3800 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। ऐसे में पेठा भलें महंगा हो गया है, मगर कारोबारियों का मुनाफा घट गया है।

Posted By: anil.tomar

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