Gwalior Cleanses News:ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 की तैयारियों के लिए कमर कस ली है। सर्वेक्षण के लिए तकनीक का सहारा लेने के साथ ही अब संसाधन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। नगर निगम को 33.16 करोड़ रुपए की लागत से जहां साढ़े सात लाख क्यूबिक टन कचरे का वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारण करना है, वहीं नाले-नालियों की सफाई भी कर घरों से 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करना है। वर्तमान में निगम के अंतर्गत चार विधानसभा क्षेत्रों में कुल 304 वाहनों को कचरा परिवहन के कार्य में लगाया गया है। अब इन संसाधनों को और बढ़ाया जा रहा है।

शहर की साढ़े 14 लाख जनसंख्या पर तीन लाख संपत्तियों के दरवाजे तक पहुंचने के लिए निगम सीमा की चारों विधानसभा क्षेत्र में निगम के पास 210 टिपर वाहन ही चालू हालात हैं। इसके अलावा अन्य वाहनों से कचरे का बड़ी मात्रा में परिवहन किया जाता है। ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में इसके लिए पांच जेसीबी, आठ डंपर, 10 ट्रैक्टर-ट्राली, तीन मिनी डंपर, 62 टिपर, एक नाला मेन मशीन, छह सेकंड्री वेस्ट वाहन, पांच जेटिंग वाहन हैं। ग्वालियर पूर्व विधानसभा में आठ जेसीबी, नौ डंपर, एक पोकलेन, 13 ट्रैक्टर, पांच मिनी डंपर, 55 टिपर, एक नाला मेन मशीन, चार सेकंड्री वेस्ट वाहन और चार जेटिंग मशीनें हैं। दक्षिण विधानसभा में तीन जेसीबी, छह डंपर, एक पोकलेन, 11 ट्रैक्टर, चार मिनी डंपर, 57 टिपर, एक नाला मेन, दो सेकंड्री वेस्ट और छह जेटिंग मशीनें हैं। वहीं ग्रामीण विधानसभा में एक जेसीबी, एक डंपर, एक मिनी डंपर, 11 टिपर हैं। इन्हीं वाहनों से कचरे का परिवहन होता है। अब नगर निगम इन संसाधनों को बढ़ाने जा रहा है। शहर से प्रतिदिन निकलने वाले 400 से 450 टन कचरे के डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए अब नगर निगम 21 नए सीएनजी वाहन खरीदने जा रहा है।

Posted By: anil tomar

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