- नगर निगम के सीवर-पेयजल के आंकड़े भी सैकड़ों में

- सीएम हेल्पलाइन को लेकर सीएम की निगरानी तब यह स्थिति

Gwalior CM Helpline News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जमीन विवाद के मामलों में ग्वालियर और चंबल संभाग बदनाम है। यहां जमीन से जुड़े मामलों की शिकायतों के सरकारी दफ्तरों में सबसे ज्यादा ढेर हैं। विवाद के साथ सरकारी सिस्टम की खामियों की शिकायतें भी खूब हैं। मुख्यमंत्री की निगरानी वाली सीएम हेल्पलाइन पर अब राजस्व विभाग की शिकायतों का आंकड़ा पहली बार 2200 पर पहुंच गया है। यह स्थिति तब है जब हाल ही में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों को इस पर सबसे ज्यादा ध्यान देने के निर्देश दिए थे। नगर निगम सहित जनता की सुविधा और समस्याओं से सीधे वास्ता रखने वाले विभागों की शिकायत सैकड़ों में पहुंच गई है। इतनी निगरानी के बाद भी शिकायतें बेकाबू हैं।

लोगों से जुड़े ये सीधे विभाग, जहां शिकायतों के ढेर

1-राजस्व विभाग

इस समय सबसे ज्यादा शिकायतों की पेंडेंसी राजस्व विभाग में है। लेवल-एक से लेकर लेवल-चार पर शिकायतें हैं। पिछले माह की तुलना शिकायतें बढ़ी हैं। जमीन विवाद, नामांतरण, कब्जा, रजिस्ट्री में हेरफेर, शासकीय जमीन को निजी बताना, सीमांकन से लेकर आपसी विवाद की सबसे ज्यादा शिकायतें हैं। कलेक्ट्रेट, पुलिस विभाग से लेकर सुनवाई वाले विभागों में जमीन के मामले सबसे ज्यादा आते हैं।

2- नगर निगम

बुनियादी सुविधाओं से जुड़े इस विभाग में रोज लोगों की शिकायतें पहुंचती हैं। दफ्तर स्तर पर इनका निराकरण न होने पर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की जाती है। मौजूदा स्थिति में नगर निगम की प्रकाश व्यवस्था की 662, पेयजल की 361, सीवेज की 321, नपा व अन्य निकायों की 678 शिकायतें पेंडिंग हैं। पिछले माह की तुलना में यह बढ़ी हैं।

3-स्वास्थ्य

स्वास्थ्य के मामले में लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा दोनों में शिकायतें जमकर हैं। स्वास्थ्य लोगों से सीधा जुड़ा विभाग है। लोक स्वास्थ्य में अभी करीब 600 शिकायतें पेंडिंग हैं, जिनमें इलाज, प्रबंधन की लापरवाही और समस्याएं शामिल हैं। जिला अस्पताल की 200 शिकायतें पेंडिंग हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग की 511 शिकायतें पेंडिंग हैं।

मैदानी अमला निष्क्रिय, इसलिए राजस्व में अधिक पेंडेंसी

राजस्व विभाग में ज्यादा पेंडेंसी का मुख्य कारण मैदानी अमले का निष्क्रिय होना है। पटवारी, राजस्व निरीक्षण, नायब तहसीलदार ऐसे लोग पहले लेवल पर ही शिकायत का निराकरण नहीं करते। सीएम हेल्पलाइन में भी लेवल-एक से लेकर लेवल चार पर शिकायतें घूमती रहती हैं।

वर्जन

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों का तेजी से निराकरण के निर्देश दिए हैं, हर सप्ताह हम समीक्षा करते हैं। राजस्व की शिकायतों को लेकर अलग से समीक्षा की जाएगी कि इतनी बढ़ी क्यों। सभी एसडीएम को निगरानी के लिए कहा गया है।

कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

Posted By: anil.tomar

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