- परिवादी ने रिलायंस स्मार्ट खरीदा था च्यवन प्रकाश

ग्वालियर। (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रिलायंस स्मार्ट को एमआरपी से अधिक पैसा वसूलना महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (उपभोक्ता फोरम) ने एमआरपी से अधिक पैसे वसूलने के मामले को अनुचित व्यापार माना है। एमआरपी से 20 रुपये अधिक वसूले थे, 15 दिन में वापस किए जाएं। परिवादी को जो मानसिक कष्ट दिया है, उसके बदले में दो हजार रुपए क्षतिपूर्ति के रूप में देने होंगे। साथ ही परिवादी को केस लड़ने के खर्चे के बदले में दो हजार रुपये देने होंगे।

गार्डन होम्स फेस-1 अलकापुरी निवासी मिट्ठन लाल सिंघल 28 नवंबर 2021 को रिलायंस स्मार्ट पतंजलि का च्यवनप्रकाश खरीदा था। इसके डिब्बे पर 260 रुपये की एमअारपी लिखी थी, लेकिन बिल में 280 रुपये लिए गए। अधिक पैसे लिए जाने की कंपनी के पास शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उपभोक्ता फोरम में केस दायर किया। उनकी ओर से अधिवक्ता सौरभ मिश्रा ने तर्क दिया कि रिलायंस मार्ट ने गंभीर त्रुटि के साथ-साथ अनुचित व्यापार किया है। फोरम के नोटिस के जवाब में रिलायंस मार्ट ने तर्क दिया कि च्यवनप्रकाश पुरानी पैकिंग का था। नई पैकिंग का च्यवनप्रकाश आने पर सिस्टम में रेट अपडेट हो गए थे, जिसकी वजह से एमआरपी पर अधिक पैसे आ गए। यह सिस्टम की गलति से हुआ है। परिवादी ने उनके पास शिकायत नहीं करते हुए सीधे फोरम में शिकायत की है। इसलिए परिवाद सुनवाई योग्य नहीं है। इसे खारिज किया जाए। फोरम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि परिवादी को 20 रुपये लौटाए जाएं।

मौर्य बने पीएचई के मुख्य अभियंता

नगर निगम के अधीक्षण यंत्री पीएचई आरएलएस मौर्य को पीएचई विभाग का मुख्य अभियंता नियुक्त किया गया है। वे सोमवार को पदभार ग्रहण करेंगे। शनिवार को अवर सचिव शिखा पोरस नरवाल ने अधीक्षण यंत्री आरएलएस मौर्य को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करते हुए मुख्य अभियंता का प्रभार दिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश के लिए पदस्थ किया गया है।

Posted By: anil tomar

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