Gwalior corona Effect News: वरुण शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। कोरोना काल में अपने माता या पिता को गंवाने वाले प्रदेश में 12 हजार बच्चे हैं। ग्वालियर में यह आंकडा पांच सौ है। हर जिले में यही हालात हैं। सिंगल पैरेंटस वाले इन बच्चों के लिए सरकार की कोई विशेष योजना नहीं है। कोविड काल में माता व पिता दोनों को गंवाने वालों के लिए तो सीएम बाल सेवा योजना है, जिसमें पांच हजार रूपये मासिक और मुफ्त राशन व शिक्षा की घोषणा की गई थी। सिंगल पैरेंटस वाले बच्चों के लिए स्पांसरशिप योजना जरूर है, लेकिन इसके लिए सरकार के पास बजट नहीं है। प्रदेश के 12 हजार बच्चों को अगर एक साल तक स्पांसरशिप योजना में प्रति बच्चा दो हजार रूपये दिए जाएंगे तो तीस करोड रूपये सालाना का बजट चाहिए। ग्वालियर में ऐसे बच्चों में कुल 64 बच्चों को ही अब तक लाभ मिला है और शेष के लिए बजट नहीं है। अधिकतर ऐसे ही परिवार हैं, जो अपना गुजारा नहीं कर पा रहे हैं, बच्चों को नहीं पाल पा रहे हैं। कोई योजना का लाभ न मिलने के कारण परेशान है। स्पांसरशिप के बजट की ओर सबकी निगाह टिकी हुई है। शासन महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से स्पांसरशिप योजना के तहत जरूरतमंद बच्चों के लालन पालन के लिए दो हजार रूपये मासिक देता है, इस योजना का लाभ बच्चे लेते भी हैं। अब लंबे समय से बजट न आने के कारण विभाग की परेशानी बढ़ गई है। क्याेंकि बच्चाें की सूची तो बन रही है लेकिन लाभ नहीं मिल पा रहा है।

Posted By: vikash.pandey

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