Gwalior Corona Side Effect: विजय सिंह राठौर. ग्वालियर। साल 2020 की शुरुआत से ही देश की आर्थिक गतिविधियों को कोरोना ने प्राभावित करना शुरू कर दिया था। बीते डेढ़ साल में भले ही कोरोना के कारण देश के उद्योग-व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मगर कोरोना प्रगतिशील उद्यमियों के हौसले को डिगा नहीं पाया है। यही कारण है कि बीते दिनों जब लाकडाउन समेत अन्य कारणों से विभिन्न उत्पादों की डिमांड अत्याधिक घट गई तो उद्यमियों ने कारोबार को लेकर अपना नजरिया बदल लिया। संकटकाल में बाजार में न खप पाने वाले उत्पादों का प्रोडक्शन उद्यमियों ने रोक कर अपनी फैक्ट्री में नए उत्पादों का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। जिसमें उद्यमियों को संतोषजनक सफलता भी मिल रही है।

1. क्रशर पार्ट्स के बजाय बना रहे पीतल के घड़े : बिरला नगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित सुदर्शन इंजीनिरिंग वर्क्स में गिट्टी तोड़ने वाले क्रशर के पार्ट्स बनाए जाते थे। मगर बीते दो साल से रियल एस्टेट, सड़क निर्माणकार्य आदि मंद पड़ने के कारण क्रशर का संचालन कम हो गया है, ऐसे में क्रशर के इन पार्ट्स की डिमांड भी घट गई। इकाई संचालक जगदीश मित्तल ने अब क्रशर पार्ट्स के बजाय पीतल के घड़े का प्रोडक्शन शुरू करा दिया है। हालांकि घड़े बनाने के काम में भी उद्यमी को खास लाभ नहीं हो रहा। क्योंकि इन दिनों कोरोना के कारण धूमधाम से शादियां नहीं हो रही हैं। पीतल के घड़े ज्यादातर शादियों में देने व दरवाजे पर सजाने के लिए ही खरीदे जाते हैं। ऐसे में इस साल घड़ों की डिमांड भी कम है। हालांकि जगदीश मित्तल संतोषजन व्यापार होने की बात कहते हुए किसी तीसरे रास्ते पर भी विचार कर रहे हैं।

2. सेना के लिए मददगार वस्तुओं का करते थे निर्माण, अब बना रहे मास्क : बिरला नगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित शक्ति इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिडेट में सेना के लिए रासायन व अन्य वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। मगर बीते साल सरकारी टेंडरिंग व अन्य गतिविधियां काफी कम हो गईं। जिसके कारण फैक्ट्री में कामकाज कम हो गया। चूंकि उन दिनों कोरोना का खतरा नया था, किसी को उसके बारे में अधिक नहीं पता था। मास्क उपलब्ध हो पाना भी काफी मुश्किल हो रहा था। ऐसे में शक्ति इंजीनियरिंग के संचालक संदीप नारायण अग्रवाल ने फैक्ट्री में मास्क बनाने का काम शुरू किया। फैक्ट्री में एन-95 का बड़ी संख्या में प्रोडक्शन किया गया। अभी भी भारत सरकार द्वारा जारी आहार्यताओं को पूरा करते हुए मास्क का प्रोडक्शन किया जा रहा है।

3. कोरोनाकाल में शुरू किया हास्पिटल फर्नीचर, बेड, स्ट्रेचर का प्रोडक्शन: बिरला बिरला नगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्री इंटरप्राइजेज द्वारा आप्टीकल फायवर का काम किया जाता था, मगर अब यहां हास्पिटल में उपयोग होने वाला फर्नीचर, बेड, स्ट्रेचर आदि बनाए जाते हैं। फैक्ट्री के प्रोपराइटर योगेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि मई 2020 में यह काम शुरू किया। लाकडाउन होने के कारण ऑप्टीकल फायवर की डिमांड आना लगभग बंद हो गई थी। चूंकि पुराना काम लगभग बंद था, इसलिए अपनी जगह व स्टाफ का सद्उपयोग करते हुए हास्पिटल के फर्नीचर आदि की मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर दी। हमारे यहां 30 कर्मचारी काम करते हैं। आप्टीकल फायवर का काम भी चल रहा है। मगर हास्पिटल फर्नीचर की डिमांड इन दिनों अधिक है। हमारे यहां से कई दानदाता भी फर्नीचर ले जाकर अस्पताल आदि में दान करते हैं।

Posted By: anil.tomar

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