Gwalior corona Third Wave News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में मैन पावर की कमी सबसे ज्यादा अखरी थी। दूसरी लहर में जो हायतौबा और आपाधापी का माहौल बना, उसका सबसे बडा कारण था स्टाफ की कमी और कोरोना को लेकर कार्यप्रणाली का ज्ञान न होना। इस बार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस पर सबसे ज्यादा फोकस किया है। यही कारण है कि आंगनबाडी कार्यकर्ताओं से लेकर कोटवार, कर्मचारी से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सभी को कोरोना संक्रमण को लेकर बुनियादी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आपात स्थिति में कोरोना से कैसे लडना है,यह सिखाया जा रहा है। इसमें अस्पतालों में सहायक की भूूमिका से लेकर विभागों का सहयोग कैसे करना है,यह बताया जा रहा है। 2100 कर्मचारियाें का यह अतिरिक्त फोर्स तैयार किया जा रहा है। आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को कोरोना कमांडो का नाम दिया है, वहीं इसी तरह सभी वर्ग के लोग कोरोना वालेंटियर भी कहलाएंगे।

2100 जवानों का फोर्स करेगा कामःअस्पताल के वार्ड में मरीज के अटेंडेंट को जाने की इजाजत नहीं होती। इस कारण से आउट सोर्स कर्मचारियों के भरोसे ही व्यवस्थाएं रहती हैं। दूसरी लहर में मरीज के सामान की चोरी, मरीज को खाना न मिलना, बाथरुम के लिए मरीज को परेशान होना संबंधी समस्याएं सामने आईं थीं। इन्हीं सब समस्याओं का समाधान कमांडो व टास्क फोर्स की टीम करेगी। 500 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कमांडो का नाम दिया गया है। जबकि 100 कोटवार, 500 कर्मचारी, 500 सफाई कर्मी, व 500 वालेंटियर की टीम को कोरोना योद्धा के अलावा टास्क फोर्स का नाम दिया गया है।

प्रशिक्षणः कोरोना की दूसरी लहर से सबक लेकर तीसरी लहर के लिए फोर्स तैयार किया जा रहा है। यह फोर्स अस्पताल के वार्ड में रहेगा, लेकिन वार्ड के अंदर क्या करना होगा इसके लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में उन्हें बताया जा रहा है कि मरीज को भर्ती होने के बाद एक अटेंडेंट की आवश्यकता होती है। अटेंडेंट के साथ स्टाफ सहायक की भूमिका भी कमांडो व टास्क फोर्स को निभानी होगी। मरीज के खाने व नित्य क्रिया कराने से लेकर नर्सिंग स्टाफ द्वारा समय पर दवाई दिए जाने, आक्सीजन के फ्लो पर निगाह रखने,कोविड नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी व डाक्टर काे समय पर राउंड देने के साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं पर निगरानी रखने तक का कार्य प्रशिक्षण में शामिल किया गया है। इसी तरह से सफाई कर्मी वार्ड में सफाई रखेंगे और मरीज की मदद करने से लेकर निगरानी रखेंगे। वार्ड की हर गतिविधि की रिपोर्ट प्रशासन को देंगे।

फोर्स को मिलेंगे मास्क,किट के साथ दस हजार रुपयेः वार्ड में रहने वाली फोर्स को प्रशासन की ओर से मास्क, पीपीई किट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रशासन हर जवान को दस हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान करेगा, जो भी व्यक्ति इस टास्क फोर्स में शामिल होगा, उसे वैक्सीन के दोनों डोज लगे होना आवश्यक है। फोर्स में शामिल होने पर उसका पहचान पत्र बनेगा और वह तीसरी लहर की अवधि के अधिकृत होगा।

वर्जन-

दूसरी लहर में वार्ड में भर्ती मरीज की परेशानियों को लेकर तमाम शिकायतें मिली थीं। क्योंकि हमारे पास मैन पावर की कमी थी। इस बार कोरोना योद्धा जो मानव सेवा करना चाहते हैं, उनकी एक 5000 लोगों की फोर्स तैयार करने का लक्ष्य रखा है। जिसमें 2100 जवानों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह वार्ड के अंदर रहेंगे और मरीजों की देखभाल से लेकर व्यवस्थाओं पर निगरानी रखेंगे। वार्ड में रखने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है।

काैशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर ग्वालियर

Posted By: vikash.pandey

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