Gwalior Corona Third Wave News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना की दूसरी लहर से सबक लेकर चार गुना ताकत के साथ लड़ने की तैयारी की जा रही है। दूसरी लहर में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी व निजी अस्पताल में आक्सीजन व नॉन आक्सीजन बेड मिलाकर 3500 बेड की उपलब्धता के साथ मुकाबला किया था। दूसरी लहर में जिस गति से महामारी ने आक्रमण किया, उसमें यह तैयारी ना-काफी साबित हुई। अब तीसरी लहर से लड़ने दस हजार आक्सीजन बेड बनाने की तैयारी है।

सरकारी अस्पतालों में ही दो हजार आक्सीजन बेड बनाए जा रहे हैं, जो दूसरी लहर से दो गुना से भी अधिक है। वहीं निजी अस्पतालों के अलावा नर्सिंग कॉलेज के अस्पतालों में भी आक्सीजन बेड बढ़ाए जा रहे हैं। इनमें अभी तक 2100 बेड की क्षमता हो चुकी है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में आक्सीजन, बेड की उपलब्धता और स्टाफ की भर्ती की जा रही है।

कोरोना की दूसरी लहर में जेएएच और जिला अस्पताल में यह थी उपलब्धता, समस्याएं भी आई थीं सामनेः

जयारोग्य अस्पतालः

पहले उपलब्धता: अंचल का सबसे बड़ा जयारोग्य अस्पताल में 650 आक्सीजन बेड की उपलब्धता रखी थी। 88 वेंटिलेटर और अंबू बैग के साथ दूसरी लहर से मुकाबला शुरु हुआ था। अप्रैल के आखिर तक अस्पताल में 150 फिर 200 वेंटिलेटरों की उपलब्धता हो गई और रेमडेसिविर इंजेक्शन भी मिल गए थे। जूनियर डाक्टरों के सहारे वरिष्ठ डाक्टरों ने महामारी से मुकाबला किया, पर इस दौरान नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी अखरी। अंचल का सबसे बड़ा अस्पताल होने के करण ग्वालियर सहित आसपास के जिलों व राज्यों से मरीजों के आने से बेड की उपलब्धता न के बरा रह गई थी।

अब यह तैयारी: तीसरी लहर की आशंका के चलते अस्प्ताल में 500 आक्सीजन बेड बढ़ाए जा रहे हैं। डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ की भर्ती चल रही है। पैरामेडिकल स्टाफ भी आउट सोर्स से लिए जा रहे हैं। आक्सीजन की उपलब्धता के लिए प्लांट व टैंक लगाए जा रहे हैं।

जिला अस्पतालः

पहले उपलब्धता: दूसरी लहर से मुकाबला करने के लिए मुरार जिला अस्पताल में 100 आक्सीजन बेड तैयार किए गए थे। यहां पर आठ डाक्टर व चंद स्टाफ ने कोरोना का मुकाबला किया। स्टाफ की कमी के कारण वेंटिलेटर सुविधा शुरू ही नहीं हो सकी। गंभीर मरीजों को जेएएच ही रेफर करना पड़ता था।

अब तैयारी: कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने अब यहां 200 आक्सीजन बेड तैयार किए जा रहे हैं। आक्सीजन प्लांट लगाया गया है। वेंटिलेटर चलाने का प्रशिक्षण डाक्टर को दिया गया है। नर्सिंग स्टाफ भी बढ़ाया जा रहा है।

अभी यह है अस्पतालों में तैयारीः

स्थान बेड तीसरी

जेएएच 650 1150

जिला अस्पताल 100 200

अन्य अस्पताल 575 800

निजी अस्पताल 2850 5000

वर्जन-

दूसरी लहर में जो कमियां या खामियां रही गई थीं, उनसे सबक लेकर आक्सीजन बेड, स्टाफ व संसाधन की उपलब्धता पर जोर दिया जा रहा है। पिछली बार से अब चार गुना अधिक तैयारी अस्पतालों में की जा रही हैं।

डा. मनीष शर्मा, सीएमएचओ

Posted By: vikash.pandey

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