Gwalior Corona Virus News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोविड-19 का संक्रमण गांवों में भी पैर पसार चुका है। गनीमत है गांव में अधिकांश लोग घर पर ही इलाज लेकर ठीक हो रहे हैं। कोविड की दूसरी लहर में गांव में 1072 लोग कोरोना संक्रमित हुए। इनमें से महज 45 लोगों को ही क्वारंटाइन सेंटर या अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ी, अधिकांश लोग घरों में ही इलाज ले रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य अमले ने यहां सर्वे में लोगों में संक्रमण के लक्षण दिखने पर दवाई की किट और काढ़ा देना शुरू कर दिया है।

कोविड-19 की पहली लहर गावों तक न के बराबर ही पहुंची थी, लेकिन दूसरी लहर ने गांवों में भी दहशत फैला दी है। खांसी-जुकाम व बुखार के मरीज बढ़ गए। संक्रमण 20 अप्रैल के बाद गांव में पहुंचा था। गांव में हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने टीमें तैनात की। रैपिड एंटीजन के टेस्ट संख्या 1800 तक पहुंचा दी। टेस्टों की संख्या बढ़ने पर गांव में हाट स्पाट अधिक मिले। प्रशासन ने गांव में लोगों को क्वारेंटाइन सेंटर में लाने के लिए दबाव बनाया, लेकिन लोग आने को तैयार नहीं हुए। उन्हें घरों में ही आइसोलेट कर दवाई दी गई।

ईटमा में अब सिर्फ एक संक्रमितः ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना का सबसे बड़ा हाट स्पाट ईटमा गांव उभरकर सामने आया था। यहां एक साथ 74 संक्रमित मिले थे, लेकिन डेढ़ हफ्ते बाद इस गांव में फिर से 254 लोगों की सैंपलिंग की गई। इसमें एक पाजिटिव निकला, जो पहले से संक्रमित था। वहीं दूसरे हाट स्पाट के रूप में ग्राम रिछैरा भी सामने आया था। इस गांव में लोगों ने आना-जाना बंद कर दिया है।

शादियों से फैला गांव में संक्रमणः पिछली लहर में गांव संक्रमण से बच गया था, क्योंकि पिछली बार शादियां नहीं थी। इस बार ग्रामीण क्षेत्र से लोग शादी की खरीदारी के लिए शहर आए और संक्रमण लेकर गांव पहुंचे। खांसी-जुकाम व बुखार होने के बाद भी लोग शादियों में शामिल हुए, जिससे संक्रमण तेजी से फैला। सहालग की लग्न 20 अप्रैल के बाद शुरू हुई थी और इसी के बाद गांव में संक्रमण के मामले सामने आए थे।

कोविड 19 से सुरक्षा के लिए जो नियम बनाए गए हैं, उन नियमों का गांव में ध्यान नहीं रखा गयाः

ब्लाक आबादी संक्रमित रेड जोन गांव क्वारेंटाइन सेंटर ग्रीन जोन गांव 14 मई को संक्रमित

भितरवार 1.8 लाख 539 9 25 67 17

डबरा 1.78 लाख 150 4 11 50 17

बरई 1.4 लाख 220 4 07 39 03

मुरार 1.34 लाख 163 3 02 46 27

वर्जन

गांव में संक्रमण फैलने के कई कारण हैं, लेकिन गांव में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने की वजह से वह घरों में ही दवा खाकर ठीक हो रहे हैं। अब गांवों में काढ़ा भी बांटना शुरू कर दिया और दवाइयां भी पर्याप्त भेज दी हैं।

किशोर कान्याल, सीईओ जिला पंचायत

Posted By: vikash.pandey

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