Gwalior Corona Virus News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना के बुलेटिन से मंगलवार को राहत के आंकड़े आए हैं। पूरे एक माह बाद संक्रमितों का आंकड़ा 500 से नीचे आया है। 11 अप्रैल को कोराना संक्रमितों की संख्या 497 थी, जबकि 30 दिन बाद यानी 11 मई को 3218 लोगों की जांच में संक्रमितों की संख्या 492 रही। संक्रमण दर भी बीते रोज (19 फीसद) के मुकाबले चार फीसद गिरकर 14.9 पर आ गई। यही नहीं स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने वाले भी दोगुने (881) रहे। मौतों का ग्राफ भी गिर गया, शहर के विभिन्न् अस्पतालों में मंगलवार को 24 लोगों की मौत हुई। इनमें से 16 ग्वालियर और आठ लोग बाहरी थे। पिछले सात दिन में संक्रमण के गिरते स्तर और राहत के आंकड़ों की सच्चाई जानने के लिए हमने सैंपलिंग की प्रक्रिया को समझा तो हकीकत सामने आई। सरकार के निर्देश पर चार मई से पूरे प्रदेश की तरह शहर में भी कोरोना की जांच के ज्यादा एक्युरेंसी (70 से 80 फीसद) वाली तकनीक आरटीपीसीआर को घटाकर 30 से 35 फीसद और 50 फीसद एक्सुरेसी वाली तकनीक रैपिड एंटीजन को 65 से 70 फीसद कर दिया है। यही वजह है कि चार मई के बाद से संक्रमण का स्तर लगातार नीचे आ रहा है। (देखें चार्ट) विशेषज्ञ और जानकार बताते हैं कि संक्रमण कम दिखाने का आंकड़ों का यह मैनेजमेंट खतरनाक साबित हो सकता है।

कोरोना की एक माह की चाल

दिन सैंपल संक्रमित स्वस्थ दर मौत

11अप्रैल 1924 497 95 25.8 7

17अप्रैल 3337 1024 485 30.6 15

24अप्रैल 3485 1328 1053 38.1 53

1 मई 3813 1072 911 27.6 41

8मई 3868 861 274 22.2 36

11मई 3218 492 881 15.2 24

आंकड़ों की जादूगरी को इस तरह से समझेंः

दिन रैैपिड संक्रमित दर आरटीपीसीआर संक्रमित दर औसत दर

4मई 3307 759 22.9 1630 415 25.4 23.7

5मई 3362 820 24.3 764 200 26.1 24.7

6मई 2956 648 21.9 704 262 37.2 24.8

7मई 3342 811 24.2 668 176 26.3 24.6

8मई 3119 637 20.4 759 224 29.5 22.2

9मई 2607 503 19.2 597 192 32.1 21.6

10मई 3513 686 19.5 509 107 21.0 19.7

11मई 2607 391 14.9 611 101 16.5 15.2

फटाफट जांच ने घटा दी दरः 24 अप्रैल को कोरोना संक्रमण दर 44 फीसद पर थी। मई में रैपिड टेस्ट शुरू होते ही पिछले 10 दिन में संक्रमण दर घटकर 15 फीसद पर आ गई, जबकि आरटीपीसीआर में संक्रमण दर बढ़ी हुई है। कम संख्या जांच पर सवाल पैदा करती है। शासन की फटाफट जांच की नीति कई सवाल खड़े कर रही है।

रैपिड की एक्युरेसी कमः आरटीपीसीआर के मुकाबले रैपिड एंटीजन टेस्ट की एक्युरेसी कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि आरटीपीसीआर से जांच की जाए तो उसकी एक्युरेसी 70 से 80 फीसद के आसपास है, जबकि रैपिड एंटीजन टेस्ट द्वारा वायरस का पता लगाने की क्षमता महज 50 फीसद के आसपास है। यदि किसी के शरीर में कोरोना वायरस नहीं है तो उसकी जानकारी आरटीपीसीआर द्वारा 100 फीसद सही पता चल जाती है।

शरीर में वायरल का लोड अधिक हो तभी रैपिड टेस्ट पॉजिटिव आता हैः सरकार ने एक सप्ताह पहले जिले में तीन हजार रैपिड व 750 आरटीपीसीआर की जांच निर्धारित की है, जबकि रैपिड जांच में वही व्यक्ति संक्रमित पाया जाएगा, जिसमें वायरल लोड अधिक होगा या यूं कहें कि जिसमें कोरोना वायरस के लक्षण अधिक होंगे। ऐसे में वे व्यक्ति जिनमें हल्के लक्षण हैं या फिर नहीं है उनकी रैपिड जांच निगेटिव आने की संभावना अधिक है, जबकि आरटीपीसीआर ऐसे में भी पॉजिटिव रिपोर्ट 70 फीसद तक दे सकता है।

वर्जन-

जिन मरीजों में वायरल लोड अधिक होता है उनमें रैपिड एंटीजन टेस्ट तुरंत पता कर लेता है, पर जिन मरीजों में वायरल लोड कम होता है वह पता ठीक से नहीं कर पाता। जबकि आरटीपीसीआर कम वायरल लोड को भी डिटेक्ट कर लेता है। पीक निकल चुका है, केस घट रहे हैं, दर भी घट रही है।

डा.एमएस राजावत, प्रतिनिधि डब्ल्यूएचओ

Posted By: vikash.pandey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags