Gwalior corona virus news: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। काेराेना जिले में लगभग हर घर में दस्तक दे चुका है, यह बात न्यूट्रिलाइजिंग टेस्ट से साफ हाे चुकी है। क्याेंकि इसमें जिले के पैसठ फीसद बच्चाें में एंटीबॉडी पाई गई है। इसमें वह बच्चे भी शामिल हैं, जिनके घर में काेराेना की पहली व दूसरी लहर में काेई भी संक्रमित नहीं हुआ है, लेकिन बच्चाें के शरीर में एंटीबॉडी पाई गई है। ऐसे में साफ है कि लाेगाें मेंं लक्षण भले ही दिखाई नहीं दिए, लेकिन वह संक्रमण की चपेट में आए जरूर हैं। जिसकी वजह से अब तीसरी लहर आती भी है ताे बच्चाें पर अधिक खतरा नहीं हाेगा।

न्यूट्रिलाइजिंग जांच में पता चला है कि जिले के 65 फीसद बच्चों में कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबला करने एंटीबॉडी बन चुकी है। जीआर मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग प्रमुख डा. वैभव मिश्रा ने 400 सैंपल की न्यूट्रिलाइजिंग जांच कर बुधवार को रिपोर्ट पीएसएम विभाग को सौंप दी है। जहां पर इसकी गणना की जाएगी कि किस बच्चे में कितने फीसद एंटीबॉडी बनी है और किस वर्ग के बच्चे अधिक संक्रमित पाए गए। गौरतलब है कि ग्वालियर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर की तैयारियों को लेकर न्यूट्रिलाइजिंग एंटीबॉडी टेस्ट करने सर्वे कराया था। सर्वे जिले के 400 बच्चों पर किया गया, जिसमें 200 बच्चे शहर व 200 ग्रामीण क्षेत्र के निवासी थे। सभी बच्चों के ब्लड सैंपल लिए गए। सैंपलिंग में वे बच्चे शामिल किए गए जिनके परिवार में कोई संक्रमित नहीं हुआ हो या संक्रमित हुआ हो, वैक्सीन लगवाई हो और जो न संक्रमित हुआ हो और न वैक्सीन लगवाई हो। ऐसे चार वर्ग से 50-50 सैंपल लिए गए थे।

कैसे हुई सैंपलिंगः

-4 वर्गाें से 50-50 सैंपल लिए गए

-200 बच्चे शहर व 200 बच्चे ग्रामीण क्षेत्र से लिए गए थे

Posted By: vikash.pandey

NaiDunia Local
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