Gwalior Corona Virus News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मेरा नाम अनूप सिंघल है, मेरी बहन अंजना बसंल को कोरोना हुआ था। हमने उनका काफी इलाज कराया, लेकिन वह ठीक नहीं हो सकीं, उनकी सांसें थम गईं। उनके जाने का गम हमारे पूरे परिवार को है। हमने तो कोरोना महामारी में अपनी बहन को खो दिया, लेकिन हम नहीं चाहते कि किसी अपने का दुनिया से जाने का जो दर्द हमारा परिवार झेल रहा है, वह दुख शहर का कोई और न झेले। आप सभी लोग सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें। शासन द्वारा तय किए गए कोविड नियमों का पालन करें। इसी से हम कोरोना को हरा पाएंगे। कोरोना महामारी से बचने वैक्सीन का टीका अवश्य लगवाएं।

पति व बेटे ने बढ़ाया हौसला तो दस दिन में हुई स्वस्थ: मेरा नाम पूनम आंनद है। मुझे गले में खराश थी, जबकि मेरे देवर पवन आंनद को किडनी की समस्या है। वह डाक्टर के पास चेकअप के लिए जाते रहते हैं। उन्हें खांसी थी और स्वाद भी नहीं आ रहा था। डॉक्टर ने पवन की कोरोना जांच कराई तो वह पाजिटिव मिले। इसके बाद हमने पूरे घर की जांच कराई, जिसमें मेरी रिपोर्ट भी पाजीटिव आई। मैंने स्वयं को घर में आइसोलेट कर किया। इस दौरान मेरे पति राकेश आनंद व बेटे अनमोल ने सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाकर मेरा काफी ख्याल रखा। उन्होंने मुझे कभी अहसास नहीं होने दिया कि मुझे कोरोना है। हर समय मेरे आसपास रहे, इससे मुझे हौसला मिला। मेरी जांच पाजिटिव आने के बाद सरकार की ओर से मिलने वाली दवाईयों की मैंने पूरी खुराक ली। साथ ही गला ठीक रखने होम्योपैथिक दवाई मेरे पति लेकर आए थे। पौष्टिक आहार और नियमित दवाइयों से मैं दस दिनों में पूरी तरह ठीक हो गई।

Posted By: anil.tomar

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