Gwalior Corona Virus News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह के बाद से शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या प्रतिदिन एक हजार के पार आ रही थी। अब करीब एक माह बाद आठ मई को संक्रमण दर 22 फीसद पर आई है। पिछले तीन-चार दिनों से संक्रमित मरीजों की संख्या भी एक हजार के कम ही रही है। इन आंकड़ों ने शहरवासियों को थोड़ा सुकून और कोरोना को हराने के हौसले को बढ़ाया है। शनिवार को जीआर मेडिकल कालेज की लैब से आई 3868 लोगों की कोरोना जांच में 861 संक्रमित मिले हैं, यानी शहर में संक्रमण दर अब 22.25 फीसद है। पिछले कुछ दिनों में कोरोना के चलते जान गंवाने वालों की संख्या में भी कमी देखी जा रही है। महामारी विशेषज्ञ उम्मीद जता रहे हैं कि मई माह के अंत तक संक्रमण की गति काफी कम हो जाएगी।

कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने इस वर्ष 2021 में मार्च माह से फिर से पैर पसारने शुरू कर दिए थे। अप्रैल में कोरोना ने पूरे देश में कोहराम मचा दिया था। स्थिति यह थी कि शहर में कोरोना जांच कराने वाले संदिग्धों लोगों में हर तीसरे-चौथे व्यक्ति की रिपोर्ट पाजिटिव आ रही थी। वहीं अस्पतालों में भी इलाज के दौरान मरने वालों की तादाद बढ़ गई। कोरोना के कारण गंभीर हो रहे हालातों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने ग्वालियर सहित पूरे प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू लगा दिया। यह कोरोना कर्फ्यू अप्रैल माह से अभी तक चालू है। कोरोना के कारण शहर में लगातार बढ़ रहे मरीजों को अस्पतालों में पलंग के लिए भाग-दौड़ करनी पड़ रही है। मरीज को अस्पताल में एक पलंग दिलाने के लिए स्वजन जनप्रतिनिधियों व अफसरों की सिफारिशें लगवानी पड़ रही हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी और रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए मरीजों के अटेंडेंट मेडिकल से लेकर कलेक्ट्रेट तक में दिन-दिन भर खड़े रहकर गुहार लगा रहे हैं। राज्य शासन से आने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन चंद घंटों में खत्म हो रहे हैं। इस आपदा में दवा माफिया भी कालाबाजारी कर रहे हैं। 800-900 के इंजेक्शन को कई गुना अधिक दामों में मरीजों के स्वजन को बेच रहे हैं। ऐसे कई लोग पुलिस ने पकड़े भी हैं।

कर्फ्यू का अब दिख रहा असर: कोरोना महामारी की सक्रंमण चेन को तोड़ने के लिए शहर में 15 अप्रैल से कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है। डाक्टरों का मानना है कि इससे भी कोरोना के प्रसार को रोकने में कुछ हद तक मदद मिली है। इसी के चलते अब धीरे-धीरे संक्रमितों की संख्या में कमी आना शुरू हो गई है।

आक्सीजन के लिए मची थी अफरा-तफरीः शहर में सबसे बुरे हालात अप्रैल माह के अंतिम दिनों में देखने को मिले। जब कोरोना के आंकड़े 1300 से भी अधिक पहुंचने लगे थे। संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ मरीज गंभीर हालत में पहुच रहे थे, उन्हें आक्सीजन की सबसे ज्यादा जरूरत थी। डिमांड अधिक होने के कारण कई अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म हो गई थी, जिस कारण कई मरीजों की जान भी चली गई। हालांकि अब जिला प्रशासन से लेकर केंद्रीय मंत्री तक आक्सीजन की आपूर्ति के लिए जुट गए हैं। दावा किया जा रहा है कि अब आक्सीजन की कमी नहीं होगी।

कैसे कम होेने लगी कोरोना की रफ्तार सात दिनों के आंकड़े

तिथि संक्रमित एक्टिव केस मौत

1 मई 1072 8757 43

2 मई 910 8682 40

3 मई 1096 8758 36

4 मई 1174 8921 23

5 मई 1028 8766 25

6 मई 910 9177 40

7 मई 987 9941 36

8 मई 861 10522 28

मई माह में घट रही संक्रमण दर

दिनांक संक्रमण दर

1 मई 27.6

2 मई 30.80

3 मई 28.6

4 मई 27.84

5 मई 23.7

6 मई 24

7 मई 24.86

8 मई 24.61

9 मई 22.25

शहर में 861 नए संक्रमित, 28 की मौत, 274 हुए ठीकः ग्वालियर में शनिवार को 861 लोगों की रिपोर्ट कोरोन पाजिटिव आई है, जबकि 28 लोगों की मौत हुई है। शहर में मार्च 2020 से अब तक 47 हजार 517 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। वहीं सरकारी आंकड़ों के अनुसार 428 लोग अब तक कोरोना के चलते जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा 36 हजार 567 लोग कोरोना को हराकर स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज भी हो चुके हैं। शनिवार को भी 274 लोग स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किए गए।

Posted By: vikash.pandey

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